बढ़ते जल संकट का कारण जलवायु परिवर्तन.

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रोशनी पाण्डेय – सह सम्पादक

पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर में विश्व ओजोन दिवस मनाया गया।इस अवसर पर कैरियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ तथा भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरु दिवस व्याख्यान माला के क्रम में ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया।व्याख्यान का विषय जलवायु परिवर्तन एवं जल संकट रहा।जिस पर मुख्य वक्ता प्रसिद्ध भूगोलविद डॉ.बी.सी.जाट एसोसिएट प्रोफेसर भूगोल विभाग राजकीय महाविद्यालय राडावास जयपुर राजस्थान ने अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने बढ़ते जल संकट पर चिन्ता व्यक्त करते हुए जलवायु परिवर्तन को जल संकट का मुख्य कारण बताया।अपने व्याख्यान में उन्होंने ओजोन अल्पता,ओजोन संरक्षण,जलवायु परिवर्तन के कारण,जल संकट,जल संरक्षण,जल की उपलब्धता, जल की खपत,जल बजट,जल संचयन तकनीक,वर्षा जल संग्रहण की उपयोगिता आदि विभिन्न तथ्यों पर प्रकाश डाला।पर्यावरणीय परिदृश्य में मनुष्य के आर्थिक क्रियाकलापों के विपरीत प्रभावों की भी चर्चा की। व्याख्यान माला का शुभारम्भ कार्यक्रम निदेशक प्राचार्य प्रो.एम.सी.पाण्डे ने किया। आयोजक सचिव डॉ.अभिलाषा कन्नौजिया प्रभारी भूगोल विभाग ने समस्त अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत कर मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया। मंच संचालक सहआयोजक सचिव डॉ.डी.एन. जोशी ने अन्त में समस्त अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित कर आभार प्रकट किया।इस व्याख्यान माला में अन्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से प्रो.अनीता पाण्डेय, प्रो.बी.आर.पन्त, प्रो.रामेश्वर प्रसाद सिंह, प्रो.राजेश कुमार अभय, प्रो.पूनम रौतेला, डॉ.पुष्पा देवी, डॉ.के.आर.यादव, डॉ.प्रेमप्रकाश मिश्रा, डॉ.निर्मला लोहनी,डॉ.साधना, डॉ.बसन्त बल्लभ भट्ट,डॉ.तौफीक अहमद सहित रामनगर महाविद्यालय से डॉ.आर.डी.सिंह, डॉ.प्रीति त्रिवेदी,चीफ प्रॉक्टर डॉ.जी.सी.पन्त, डॉ.अनीता जोशी,डॉ.निवेदिता अवस्थी, डॉ.प्रमोद जोशी,डॉ.शरद भट्ट, डॉ.जया भट्ट,डॉ.धीरेंद्र सिंह,डॉ.पी. सी.पालीवाल,डॉ.सुमन कुमार,डॉ.कुसुम गुप्ता, डॉ.शिप्रा पन्त, डॉ.योगेश चन्द्र, डॉ.अनुराग श्रीवास्तव,डॉ.दीपक खाती, डॉ.जे.पी.त्यागी, लेफ्टिनेंट डॉ.कृष्णा भारती, डॉ.मीनाक्षी राणा,डॉ.ज्योति मौलेखी, डॉ.प्रदीप पाण्डे, डॉ.आलोक सिंह कन्डारी आदि प्राध्यापकों सहित शोधार्थी भावना महरा, भाग्यश्री, रश्मि, संगम गोपाल आदि अनेक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

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