राज्याभिषेक की खुशियों से वनवास के दुख तक, ढिकुली की रामलीला में भावनाओं का सैलाब।

राज्याभिषेक की खुशियों से वनवास के दुख तक, ढिकुली की रामलीला में भावनाओं का सैलाब।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। रामनगर के ऐतिहासिक गांव ढिकुली में श्री आदर्श रामलीला एवं सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीरामलीला मंचन के पंचम दिवस पर भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। राम राज्याभिषेक की तैयारी, मंथरा-कैकयी संवाद, राम वनवास और राजा दशरथ के विलाप जैसे मार्मिक दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंचन के माध्यम से त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक संबंधों की गहरी सीख दी गई।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल के कई शहरों में SSP का एक्शन, रामनगर में कथित सट्टा-जुआ और कच्ची शराब पर कार्रवाई का इंतजार! दिवाली से पहले उठे सवाल।

 

 

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं जिला उपाध्यक्ष गणेश रावत, बी.डी.जे.एम. पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक गिरीश चंद्र सत्यवली तथा प्रधानाचार्या श्रीमती भारती सत्यवली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद्र सुयाल ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

 

 

 

इस अवसर पर गणेश रावत ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श शासन का प्रतीक है। रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।

यह भी पढ़ें 👉  घर का ताला तोड़कर चोरी करने वाला शातिर गिरफ्तार, चोरी की बाइक भी बरामद।

 

 

उन्होंने कहा कि ढिकुली जैसी प्राचीन बस्तियों की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। ऐसे आयोजनों से समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है और आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति के गौरवशाली मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।

यह भी पढ़ें 👉  स्मैक के खेल पर पुलिस का शिकंजा, गफूर बस्ती में नशे के आरोपी की गिरफ्तारी।

 

 

 

कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष सुरेश चंद्र सुयाल, मनवर सिंह रावत, अजय छिमवाल, सतीश छिमवाल, सीबीएस कन्याल, हेमंत रावत, कुलदीप अग्रवाल, जगदीश छिमवाल, भुवन छिमवाल और अंकित सुयाल सहित समिति के पदाधिकारी एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

 

रामलीला के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा मर्यादा, त्याग और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।