करीबी रिश्तेदार एक सनकी व्यक्ति ने 2 साल के बच्चे का गला रेत कर मौत के घाट उतार दिया।

ख़बर शेयर करें -

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

पिथौरागढ़: यहां पर एक सनकी व्यक्ति ने 2 साल के बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। बच्चे की गर्दन काट दी। आरोपी मृतक का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। घटना सोमवार दोपहर के आसपास की है। गर्गुवा गांव के सोप तोक निवासी वंश कुंवर (2 वर्ष) पुत्र रमेश सिंह कुंवर को उसकी मां कविता कुंवर ने नहलाया। बच्चे को नहलाने के बाद वह घर के आंगन में धूप में बच्चे की तेल मालिश कर रही थी। तभी वंश का रिश्ते में नाना लगने वाला गगन सिंह (30 वर्ष) निवासी कोट छापरी, जिला दार्चुला नेपाल धारदार हथियार के साथ उसके पास पहुंचा और धारदार हथियार बड़ियाठ (बड़ी दराती) से दो वर्षीय मासूम वंश के गले में वार कर उसे काट डाला।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड को बड़ी राहत: 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटित।

 

 

 

घटना धारचूला तहसील मुख्यालय से 24 किमी की दूरी पर स्थित गर्गुवा गांव स्थित सोप तोक की बताई जा रही है। यहां नेपाल निवासी रिश्तेदार के 2 साल के वंश कुँवर के गले में धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी। अन्य लोगों पर भी आरोपी ने हमला किया। उन्होंने किसी तरह भागकर जान बचाई। उसने धारदार हथियार से वंश के गले में वार कर हत्या कर दी। वंश की मां कविता कुछ समझ पाती इससे पूर्व ही सनकी नेपाली ने उस पर भी हमला करने के लिए धारदार हथियार चलाया। वह किसी तरह बच कर घर के अंदर कमरे में घुस गई। अंदर से दरवाजा बंद कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  रेरा पोर्टल से जुड़ेगा नक्शा पास सिस्टम, अवैध निर्माण पर सख्ती।

 

 

उसके बचाने की पुकार सुन कर वंश के दादा कुशल सिंह कुंवर (60) घर से बाहर निकले तो नेपाली ने उस पर ही धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। कुशल सिंह द्वारा बचाव किया गया। इस दौरान हमले में उनकी बाएं हथेली की दो अंगुलियां कट गई। इसके अलावा शरीर के अन्य अंगों में भी गंभीर चोट आ गई। घटना की सूचना ग्रामीणों ने कोतवाली धारचूला को दी। सूचना मिलते ही कोतवाल कुंवर सिंह रावत, पुलिस दल और राजस्व दल के साथ घटनास्थल पहुंचे।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम धामी से वार्ता के बाद आंगनबाड़ी कर्मियों की हड़ताल स्थगित।

 

 

 

कोतवाल ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर वंश का शव पड़ा था। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।गगन के तांडव को देख कर मृतक वंश की दादी, ताई और वंश की मां ने कमरे के अंदर बंद होकर अपनी जान बचाई। कातिल नेपाली गगन सिंह इस घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गया। घटना के समय मृतक का पिता रमेश सिंह अपने मवेशियों के साथ जंगल गया था।

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *