ट्रांसपोर्ट नगर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गौसे आजम पाक की याद में कराई गई नियाज़।

नाजिम कुरैशी  – संवाददाता

रामनगर -उत्तराखंड में मुस्लिम बहुल इलाकों में ग्यारहवीं शरीफ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आपको बता दें कि इस दौरान घरों में जहां गौसे आजम की फातिहा होगी वहीं दावतों का दौर भी चल रहा है इस माह घर-घर उलेमा मीलाद के तहत गौसे आजम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी सच्चाई का बयान करते हैं।इस्लामिक इस साल महीने 12 रबिउल आखिर की शुरुआत हो गई है। माह की 11 तारीख को मुस्लिम में घर-घर गौसे आजम हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी रहमतुल्लाह अलैह के नाम की फातिहा कराई जा रही है।

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अधिकांश घरों में लोग मीलाद कराते हैं जिसमें उलेमा गौसे पाक के बचपन में सच्चाई की कहानी का बयान करते हैं और लोगों को उनकी सच्चाई का हवाला देते हुए उन्हें भी सच्चा बनाने और सच्चाई की राह नहीं छोड़ने की नसीहत देते हैं इसके बाद दावतों का दौर चलता है। माना जाता है कि दावत करने से गौसे आजम की रहमत से घरों में बरकत होती है।आपको बता दें कि कहां जाता है कि गौसे आजम ने अपनी जिंदगी में कभी भी झूठ नहीं बोला। अपने जमाने के वलियों के वली थे।

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आपको बता दें कि गौसे आजम की फातिहा और मीलाद कराने से घरों में बरकतों का नुजूल होता है। नियाज़ कराने वालों में नदीम, फुरकान, सलीम, बबलू, जाहिद, नसीम, आसिफ, अजीम, शानू, आदि मौजूद रहे।

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