चंद आपराधिक प्रवर्ति के वन गुर्जर ही बन रहे है पूरे गुर्जर समुदाय का कैंसर।

संवाददाता- सलीम अहमद साहिल 

 

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेशानुसार जहाँ एक और प्रशासन अवैध अतिक्रमण पर लगातार बुल्डोजर चलता नजर आ रहा हैं तो वही दूसरी ओर कुछ आपराधिक प्रवर्ति के वन गुर्जर लगातार जंगलों को नष्ट कर वन भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं आपको बता दे की वन गुर्जर एक परम्परागत वनवासियों का एक ऐसा समुदाय हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी जंगलों में रहकर पशुपालन कर दूध उत्पादन का कारोबार करते आ रहा हैं। लेकिन बदलते वक्त के साथ कुछ वन गुर्जर अपराधी बन गए है। अवैध गतिविधियों में लिप्त हो गए ओर वन गुर्जरो को मिले अधिकारों का हनन कर अब कुछ वन गुर्जर समुदाय के लोग ही पीढ़ी दर पीढ़ी मिले अधिकारों के दुश्मन बन बैठे हैं।

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लगातार जंगलों के पेड़ पौधों नष्ट कर वन भूमि पर अतिक्रमण कर चुके है अनेको गम्भीर मुकदमे भी उनपर पूर्व से दर्ज हैं। कुछ वन गुर्जर तराई पष्चिमी डिवीजन रामनगर वन विभाग की दो दो रेंजों में अवैध अतिक्रमण कर कई हेक्टयर वन भूमि पर कुण्डली मार कर बैठे हैं। ये चंद वन गुर्जर पूरे गुर्जर समाज के लिए केंसर बनते नजर आ रहे हैं। वन विभाग उनके ऊपर कार्यवाही की बड़ी रणनीति बना रहा हैं।

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वही प्रभागीय वनाधिकारी तराई पश्चिमी प्रकाश चन्द आर्य ने बताया कि मोहम्मद सफी ने हाल ही में पेड़ पौधे नष्ट कर नया अतिक्रमण कर सोलर करंट की तार लगाई थी जिसको वन विभाग ने उखाड़ कर जफ्त कर लिया है। मोहम्मद सफी के ऊपर गम्भीर अपराधों में मुकदमे दर्ज है जिसके चलते 2015 से आज तक पशुओं की चराई भी जमा नही हुई है। अब जल्द ही ऐसे आपराधिक प्रवर्ति के वन गुर्जरो पर वन विभाग नकेल कसने की रणनीति में जुट गया हैं।