लोक निर्माण विभाग का कनिष्ठ सहायक 32 लाख गबन करने के मामले में पुलिस ने किया गिरफ्तार।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

पुलिस के अनुसार लोक निर्माण विभाग लैंसडौन के प्रांतीय प्रखंड के कार्यपालन यंत्री प्रेम सिंह बिष्ट ने पिछले साल अगस्त में लैंसडाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी कि कनिष्ठ सहायक परमेंद्र सिंह ने 31,75,096 रुपये सरकारी धन का गबन किया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच वरिष्ठ उप निरीक्षक रियाज अहमद को सौंप दी है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने पंजीकृत ठेकेदारों का 10 फीसदी पैसा अपने रिश्तेदार के खाते में ट्रांसफर किया था. पुलिस ने मामले में और भी धाराएं जोड़ी हैं। दंडात्मक धाराओं में वृद्धि के कारण मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक विवाह सानी को स्थानांतरित कर दी गई थी। आरोपी को पुलिस ने शनिवार को लैंसडाउन के गांधी चौक से गिरफ्तार किया था।

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पुलिस ने ठेकेदारों की 10 प्रतिशत धरोहर धनराशि (कोटेशन मनी) करीब 32 लाख रुपये गबन करने के आरोप में लोक निर्माण विभाग के लैंसडौन कार्यालय में तैनात एक कनिष्ठ सहायक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यह धनराशि अपने रिश्तेदारों व परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। पुलिस ने सरकारी धनराशि का गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था।

कोतवाल लैंसडौन मणीभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि छह अगस्त 2022 को लोनिवि के प्रांतीय लोक अधिशासी अभियंता प्रेम सिंह बिष्ट ने कोतवाली में तहरीर दी थी जिसमें उन्होंने ठेकेदारों की 10 प्रतिशत धरोहर राशि के गबन होने की शिकायत की थी। तहरीर मिलने के बाद से ही पुलिस ने सरकारी धनराशि का गबन और धोखाधड़ी में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई थी।

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मामले की जांच के लिए सीओ ऑपरेेशन विभव सैनी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने जांच में पाया कि लोनिवि लैंसडौन कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक आरोपी प्रमेंद्र सिंह ने देयक बाउचर्स की ऑनलाइन फीडिंग व डिपोजिट कार्य के दौरान पंजीकृत ठेकेदारों की 10 प्रतिशत धरोहर धनराशि 31,75,096 रुपये अपने रिश्तेदारों व परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।

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