मरने के बाद भी दुनिया देखेंगी स्वर्गीय संतोष कुमारी खुराना की आंखें: मरणोपरांत हुआ नेत्रदान, महादान को लेकर गर्व महसूस कर रहें परिजन एवम् शहीद भगत सिंह सेवा समिति।

ख़बर शेयर करें -

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

नेत्रदान महादान माना जाता है। नगर में मरणोपरांत नेत्रदान करने में एक और नाम और जुड़ गया बुधवार स्वर्गीय स्वर्गीय संतोष कुमारी खुराना के निधन के बाद उनके नेत्रदान हुआ कहा जाए तो अब स्वर्गीय संतोष कुमारी खुराना भी मरने के बाद दुनिया देख सकेंगी। बता दें कि रूद्रपुर आवास विकास निवासी सुभाष खुराना जी की पत्नी स्वर्गीय संतोष कुमारी खुराना (66) को निधन हो गया था। परिजनों के मुताबिक मरने से पूर्व उन्होंने अपने नेत्रदान करने की घोषणा नेत्रदान सलाहकार अरुण चुघ और प्रथम बिष्ट के समक्ष की थी।बुधवार की सूचना मिलने पर नेत्र विभाग आई बैंक सीएल गुप्ता दीपक और नेत्र दान सलाहकार शहीद भगत सिंह सेवा समिति अरुण चुघ, प्रथम बिष्ट, दिव्यांशु गुलाटी घर पर पहुंचे। वहां नेत्रदान से संबंधित दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर घर पर ही ऑपरेशन किया।

यह भी पढ़ें 👉  गिरिजा देवी मंदिर में चला स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश।

 

 

 

 

दोनों कॉर्निया वर्तमान में के सीएल गुप्ता आई बैंक में रखी गई हैं। जिसे किसी दो ज़रूरतमंद पंजीकृत को रोशनी मिल जाएगी। अंतिम अरदास हुई जिसमें स्वर्गीय संतोष कुमारी के पुत्र राकेश ,पति सुभाष खुराना ,बहू शिल्पा,पोते वंश पोती सगे संबंधियों आदि उपस्थित थे ।
शहीद भगत सिंह सेवा समिति सदस्य डा मनमोहन, खेरातीलाल, दिव्यांशु , अमित, ललित, गुरजीत, मनमित, हैरी, रेनु जुनेजा ने नेत्र दान की सहराना की हैं बताया स्वर्गीय संतोष कुमारी खुराना के पुत्र राकेश खुराना की पत्नी शिल्पा खुराना पिता सुभाष खुराना भी नेत्र दान संकल्प की घोषणा पहले ही कर चुके हैं जिस से नेत्रदान सलाहकार प्रथम बिष्ट और अरुण चुघ शहीद भगत सिंह सेवा समिति एवम् शहर उनकी सराहना कर रहा हैं।

यह भी पढ़ें 👉  विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, 6940 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा।

 

 

 

उनके एल पुत्र नगर में मुख्य व्यापारी हैं। स्वर्गीय संतोष कुमारी के पुत्र राकेश खुराना और पिता ने बताया कि नगर में नेत्रदान करने को लेकर लोग जागरूक हो रहे हैं। ऐसे में उनकी माता ने भी नेत्रदान करने की घोषणा की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *