मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने गर्मी को देखते हुए रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज कुप, हार्वेटिंग टैकों का निर्माण कराया।

ख़बर शेयर करें -

उधम सिंह राठौर –  प्रधान संपादक

सफलता की कहानी (नैनीताल) दिनांक 21 फरवरी 2023
• मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने गर्मी को देखते हुए रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज कुप, हार्वेटिंग टैकों का निर्माण। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि देश की जनसंख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है बढ़ते हुए शहरीकरण एवं औद्योगिकरण, विकास कार्यों में तेजी तथा कृषि क्षेत्रो में अधिक जल खपत के कारण पानी की माँग भी बढ़ रही है।

 

यह भी पढ़ें 👉  मुख्य सचिव  आनंद बर्धन द्वारा ₹65,916 करोड़ की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता का विमोचन

 

 

डॉ. तिवारी ने बताया कि भू-जल का अधिक दोहन होने के कारण भूजल का प्रतिवर्ष स्तर 4 से 5 फिट गिरता जा रहा है सन् 1951 में भारत में कुपो व नलकुपों की कुल संख्या लगभग 40 लाख थी जो अब बढ़कर लगभग 200 लाख हो गयी है इस प्रकार पिछले दशको में भू-जल दोहन लगभग 500 गुना बढ गया है। उन्होंने बताया कि वर्षा के समय वर्षा जल का कुछ भाग भूमि सतह के नीचे रिसकर प्राकृतिक रूप से भू-जल में मिल जाता है जिससे भू-जल भण्डार में वृद्धि होती है यह एक धीमी प्रक्रिया है और अधिकांश वर्षा का जल व्यर्थ बह जाता है बहते हुए जल को संग्रहित करके भू-जल स्तर को जल सम्बर्धन, जल सम्भरण आदि के द्वारा बढाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  विकास कार्यों में लापरवाही पर सख्त चेतावनी - “कार्य समयबद्ध और समन्वय से हों

 

 

 

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज कुप, हार्वेटिंग टैक आदि। का निर्माण कार्य कराया जाना अति आवश्यक है। एक रिचार्ज शाफ्ट द्वारा एक वर्ष (बरसात का मौसम) में एक हेक्टेयर क्षेत्रफल वर्षा के जल को संग्रहित कर 52ः20 लाख लीटर जल रिचार्ज करता है। इस प्रकार कई रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण करके भू-जल स्तर को बढाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  “देवभूमि अब बन रही है खेलभूमि”-मुख्यमंत्री

 

 

 

उन्होंने बताया कि विकास खण्ड हल्द्वानी, कोटाबाग में पथरीली जमीन होने के कारण ओडेक्स बोरिंग 150 एम0 एम० एम०एस० पाईप 50-55 मी० लगाया गया है तथा विकास खण्ड रामनगर में भूमि सामान्य होने के कारण केसिंग बोरिंग में 150 एम0 एम० पी० वी० सी० पाईप 15 मी0 लगाया गया है।

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *