सलीम अहमद शाहील – संंवाददाता
उत्तराखंड में चुनाव की तारीख आते ही सभी दल अपने -अपने प्रत्याशीयो को मैदान में उतार रहे हैं। उनकी जीत के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं लेकिन वही रामनगर में कांग्रेस की सीट को लेकर बहुत जद्दोजहद हूई है। दूसरी लिस्ट में आलाकमान ने हरीश रावत का टिकट फाइनल किया तो वही रंजीत रावत के समर्थकों को यह नागवार गुजरा है। और उन्होंने अपने किसी प्रत्याशी को निर्दलीय चुनाव में लड़ने का मन बना लिया है। और आलाकमान से रामनगर विधानसभा में टिकट को लेकर फिर से मंथन करने आवाज भी उठने लगी है। वही जनता का कहना है कि रणजीत सिंह रावत ने पांच साल रामनगर की जनता की विपरीत परिस्थितियों लगातार मदद करते रहे है। और कांग्रेस की स्थिति को रणजीत सिंह रावत ने रामनगर में मजबूत किया है। और रणजीत सिंह रावत के चेहरे पर कांग्रेस आसानी से रामनगर से जीत सकती है।
तो फिर हरीश रावत को रामनगर में प्रत्याशी बनाकर क्यो भेज दिया। रामनगर की जीती हुई सीट अब हारने की कगार पे पहुँच गई है। आम जनता कांग्रेस हाईकमान से अपने फैसले पर पुनः विचार करने का आग्रह कर रही है, और अगर हाईकमान अपना फैसला नही बदलता है तो जनता का कहना है कि हम रणजीत रावत को निर्दलीय चुनाव लड़ाने को भी तैयार हैं। अब रामनगर का चुनाव दिलचस्प हो गया हैं। रामनगर में बाजी कौन मरेंगा ये तो आने वाला वक्त बताएगा।




