मेनका गांधी के आदेश पर कुत्ते के हत्यारे पहुंचे जेल।

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उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक 

रूद्रपुर – समाज सेवी और पशु प्रेमी सदस्य अंजना चौहान, विमला देवी चीना शर्मा, गुरप्रीत, प्रथम बिष्ट ने पशुओं में आय दिन हो रही क्रूरता को रोकने के लिए वाइरल जो ग्रीन पार्क की घटना हैं विडीओ मोहन सिंह दंगवाल ग्रीन पार्क के पशु प्रेमी द्वारा बनाया जिसके कॉलोनी के सफ़ाई कर्मचारी कॉलोनी के किसी के कहने पे एक स्वान की हत्या कर ले जाते दिखे उसे देखकर किसी भी भावनाशील का ह्रदय दया से भरकर कराह उठता हैं। सदस्यों का कहना हैं पशुओं पर होने वाला अत्याचार मनुता पर एक कलंक है। समस्त प्राणी-जगत में सबसे श्रेष्ट कहे जाने वाले मनुष्य का पशुओं के साथ क्रूरता करना कहाँ तक जायज़ है। मनुष्य का धर्म है कि वह अपने छोटे जीव-जन्तुओ पर दया करे, उन्हें कष्ट से बचाए, पाले और रक्षा । मनुष्य पशु पर कितना और किस –किस प्रकार से अत्याचार और उत्पीड़न करता है, इसको आये दिन सामान्य जीवन मैं देखा जा सकता है। कोई भोजन देने के लिए लोगों से मना करता तो कोई उन्हें डंडे से पिटने का भी प्रयास करता हैं।

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#जबकि किसी पशु को मारना या तंग करना और उसे सूजी स्थान से हटाना या भगाना प्रताड़ित करना अथवा जान से मारना ऐसा कोई भी काम जिस से उसे पीड़ा पहुँचे पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (PCA act 1960 section 11) एवम् भारतीय दंड संहिता की धारा 429 (IPC 429) के तहत एक दण्डनीय अपराध हैं। उसके सदस्यों ने पशु प्रेमी PFA संस्थापक मेनका गांधी जी से सम्पर्क करा और ग्रीन पार्क जो रूद्रपुर के समीप हैं एफ़॰आई॰आर॰ बिलासपुर कोतवाली में करवायी और अपराधियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की माँग करी हैं ।

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#सदस्यों ने बताया समाज को जागरूक होना पड़ेगा पशु अधिनियम के अंतर्गत भारतीय संविधान के अनुच्छे 51(A) के मुताबिक हर जीवित प्राणी के प्रति सहानुभूति रखना भारत के हर नागरिक का मूल कर्तव्य है। किसी भी पशु प्रेमी को पशु-पक्षी को खाना खिलाने से रोकना या उसको किसी भी तरह की मानसिक अथवा शारीरिक तौर पर नुक़सान पहुँचाना क़ानूनन जुर्म हैं ऐसा करने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान हैं पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) भारतीय संसद द्वारा १९६० में पारित एक अधिनियम है जिसका उद्देश्य पशुओं को दी जाने वाली अनावश्यक पीड़ा और कष्ट को रोकना है इसके लिए सजा का भी प्रावधान भी हैं। चीना शर्मा, प्रथम बिष्ट, अंजना चौहान, विमला देवी, गुरप्रीत, मोहन आदि शामिल हैं।

 

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