रिसीवर/तहसीलदार के निर्णय से जन भावनाएं आहत, रामलीला का मंचन नहीं होगा।

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रिसीवर/तहसीलदार के निर्णय से जन भावनाएं आहत, रामलीला का मंचन नहीं होगा।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

अधिवक्ताओं ने रिसीवर /तहसीलदार के प्रगतिशील सांस्कृतिक परिषद पर्वतीय समिति पैंठपडाव के मंच पर रामलीला मंचन न कराने के निर्णय पर उप जिलाधिकारी, रिसीवर /तहसीलदार रामनगर से पुनर्विचार करने का निवेदन किया है।

 

 

 

तहसील परिसर रामनगर में बार एसोसिएशन रामनगर के अध्यक्ष ललित तिवारी अध्यक्षता एवं एवं प्रभात ध्यानी के संचालन में हुयी बैठक में अधिवक्ताओं ने रिसीवर/ तहसीलदार के रामलीला मंचन न कराने के निर्णय से न केवल पर्वतीय समाज अपितु सर्वसमाज की जन भावनाएं आहत हुई है। अधिवक्ता का कहना है कि 50 साल से अनवरत रूप से मंच पर रामलीला का मंचन होता रहा है ,समिति के कुछ सदस्यों के आपसी विवाद के कारण उप जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा तहसीलदार रामनगर को रिसीवर नियुक्त किया है। तहसीलदार / रिसीवर ने पूर्व में समिति के सदस्यों तथा आम समाज को अवगत कराया था कि रामलीला का मंचन उनके दिशा निर्देशन में कराया जाएगा लेकिन आज समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि रिसीवर /तहसीलदार ने अपने निर्णय को बदल दिया है तथा बताया है कि रामलीला का मंचन नहीं होगा।

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रिसीवर के निर्णय से न केवल पर्वतीय समाज बल्कि सर्व समाज की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है ,जिसके कारण वह अपने को आहत महसूस कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी, रिसीवर /तहसीलदार से निवेदन किया है कि वह अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें तथा समिति तथा सर्व समाज के लोगों के साथ बैठक कर इसका समाधान निकाले।

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इस अवसर पर ललित तिवारी, जगदीश कुमार मासीवाल ,सुरेश नैनवाल ,राजेंद्र सिंह लटवाल ,ललित मोहन जोशी, पी एस बोहरा, धर्मेंद्र अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, प्रभात ध्यानी , बृजमोहन, रवि तिवारी, रणजीत सिंह, अनिल शर्मा,अश्वनी लटवाल आदि अधिवक्तागण उपस्थित थे।