सैयद मीरार्जी की तकरीर से रामनगर चुनाव में गरमाहट, नरेंद्र शर्मा ने साधा निशाना

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सैयद मीरार्जी की तकरीर से रामनगर चुनाव में गरमाहट, नरेंद्र शर्मा ने साधा निशाना।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

परसों कलियर से आए सैयद मीरार्जी ने हाजी अकरम के समर्थन में तकरीर दी, जिसके बाद रामनगर के चुनावी माहौल में हलचल तेज हो गई। निर्दलीय प्रत्याशी नरेंद्र शर्मा ने इस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सैयद मरार्जी, जो भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं, को भारतीय जनता पार्टी ने जानबूझकर हाजी अकरम के समर्थन में बुलाया।

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नरेंद्र शर्मा के आरोप:

  1. भाजपा और हाजी अकरम की जुगलबंदी:
    नरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव में कमजोर प्रत्याशी उतारकर हाजी अकरम को जीताने की साजिश रची है।
  2. भाजपा के लिए वोट मांगने का इतिहास:
    सैयद मरार्जी पहले से ही भाजपा के लिए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में प्रचार करते आए हैं। इस बार भी भाजपा ने उन्हें बुलाकर हाजी अकरम के पक्ष में तकरीर दिलवाई है।
  3. जनता को भ्रमित करने का प्रयास:
    नरेंद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा और हाजी अकरम की मिलीभगत से क्षेत्र की जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, ताकि चुनावी परिणाम उनके पक्ष में मोड़ा जा सके।
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सैयद मीरार्जी की भूमिका पर विवाद:

सैयद मरार्जी का हाजी अकरम के समर्थन में आना इस बात का संकेत देता है कि भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी हाजी अकरम के बीच कोई अंदरूनी समझौता हो सकता है।

 

जनता के लिए सवाल:

नरेंद्र शर्मा ने जनता से अपील की कि वे इस प्रकार की साजिशों से सतर्क रहें और सही उम्मीदवार का समर्थन करें। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव की मांग करते हुए प्रशासन और चुनाव आयोग से इस मामले की जांच की अपील की है।

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इस घटनाक्रम ने रामनगर के चुनावी परिदृश्य में नई बहस को जन्म दे दिया है, और जनता की नजरें अब इस मुद्दे पर टिक गई हैं।


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