प्रदेश की बेटियों को मिलेगा मुफ्त प्रशिक्षण, हॉस्टल और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं।

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प्रदेश की बेटियों को मिलेगा मुफ्त प्रशिक्षण, हॉस्टल और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं।

उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक

महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास के लिए चम्पावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में ₹25,696.63 लाख (₹256 करोड़) की लागत से बनने वाला यह कॉलेज उत्तराखण्ड का तीसरा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज होगा।

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शनिवार को खेल विभाग एवं जिला युवा कल्याण सचिव अमित कुमार सिन्हा ने लोहाघाट स्टेडियम पहुंचकर निर्माणाधीन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि “यह कॉलेज न केवल बेटियों को गोल्ड मेडलिस्ट बनाने में मदद करेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।”

परियोजना का क्रियान्वयन उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम को सौंपा गया है। सचिव ने निर्देश दिए कि 1 से 1.5 वर्ष में कॉलेज का प्रथम चरण पूरा हो, जिसमें ग्राउंड, हॉस्टल और प्रशासनिक भवन तैयार कर खिलाड़ियों की निःशुल्क कोचिंग शुरू कराई जाएगी।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में 1 प्रतिशत की भी कमी बर्दाश्त नहीं होगी। सिन्थेटिक ट्रैक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा तथा सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। कॉलेज में खिलाड़ियों के लिए रहना, खाना और कोचिंग पूरी तरह निःशुल्क होगी।

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निरीक्षण के दौरान सचिव ने गौरल चौड़ मैदान का भी जायज़ा लिया और उसके विकास को लेकर निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपती, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, उपजिलाधिकारी नीतू डागर, जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट, जिला युवा कल्याण अधिकारी जसवंत सिंह खड़ायत सहित अन्य अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।