”“व्यवसाय सुगमता पर फोकस: मुख्य सचिव ने डीरेगुलेशन की समीक्षा बैठक ली”

ख़बर शेयर करें -

 

“व्यवसाय सुगमता पर फोकस: मुख्य सचिव ने डीरेगुलेशन की समीक्षा बैठक ली”

 

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक


मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में  संबंधित अधिकारियों के साथ डीरेगुलेशन (विनियमन मुक्ति) के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने प्राथमिक क्षेत्रों में डीरेगुलेशन से संबंधित आवश्यक कदम उठाएं।

उन्होंने निर्देशित किया कि जिन बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर डीरेगुलेशन की कार्रवाई पूर्ण हो सकती है उसका नोटिफिकेशन जारी करें तथा जिन प्रकरणों को कैबिनेट स्तर से संशोधित किया जाना है उसका विवरण तैयार करें। साथ ही भारत सरकार को प्रेषित किए जाने वाले विवरण को भी प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार में गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह का शुभारंभ, मुख्यमंत्री धामी व केंद्रीय मंत्री शेखावत हुए शामिल।

मुख्य सचिव ने डीरेगुलेशन की प्रक्रिया में लंबित प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि राज्य में व्यवसाय और उद्योगों को और अधिक बढ़ावा मिल सके।

विदित है कि डीरेगुलेशन प्रक्रिया के अंतर्गत सरकारी नियमों और नियंत्रण को मिनिमाइज किया जाता है। सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहल के माध्यम से प्रतिस्पर्धा, दक्षता और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाता है ताकि अर्थव्यवस्था में निवेश में तेजी आए तथा व्यापार करने में अधिक सरलता हो।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम,  आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय,  सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार, सौरभ गहरवार, अपूर्वा पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यूकेएमआरसी बोर्ड की 35वीं बैठक, ई-बीआरटीएस एलीवेटेड कॉरिडोर पर सैद्धांतिक सहमति।


मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में  संबंधित अधिकारियों के साथ डीरेगुलेशन (विनियमन मुक्ति) के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने प्राथमिक क्षेत्रों में डीरेगुलेशन से संबंधित आवश्यक कदम उठाएं।

उन्होंने निर्देशित किया कि जिन बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर डीरेगुलेशन की कार्रवाई पूर्ण हो सकती है उसका नोटिफिकेशन जारी करें तथा जिन प्रकरणों को कैबिनेट स्तर से संशोधित किया जाना है उसका विवरण तैयार करें। साथ ही भारत सरकार को प्रेषित किए जाने वाले विवरण को भी प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

 

 

यह भी पढ़ें 👉  कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज में मौत का खेल! कॉर्बेट प्रशासन की लापरवाही से मजदूरों की जान से खिलवाड़।

 

मुख्य सचिव ने डीरेगुलेशन की प्रक्रिया में लंबित प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि राज्य में व्यवसाय और उद्योगों को और अधिक बढ़ावा मिल सके।

विदित है कि डीरेगुलेशन प्रक्रिया के अंतर्गत सरकारी नियमों और नियंत्रण को मिनिमाइज किया जाता है। सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहल के माध्यम से प्रतिस्पर्धा, दक्षता और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाता है ताकि अर्थव्यवस्था में निवेश में तेजी आए तथा व्यापार करने में अधिक सरलता हो।

 

 

 

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम,  आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय,  सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार, सौरभ गहरवार, अपूर्वा पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।