मानसून से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन: गौला-नंधौर नदियों में सफाई, सिल्ट निकासी और बाढ़ सुरक्षा पर तेज़ी।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
आगामी मानसून को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। नदियों की सफाई, सिल्ट निकासी और बाढ़ से बचाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। खासतौर पर गौला और नंधौर नदियों में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई शुरू कर दी है।
हल्द्वानी में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट की मौजूदगी में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मानसून से पहले सभी जरूरी कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस समय खनन सत्र के चलते नंधौर नदी के मुहाने पर सिल्ट और बोल्डर का जमाव हो रहा है, जिससे बरसात के दौरान बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सिंचाई और वन विभाग को तत्काल प्रभाव से आवश्यक बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का फोकस नदियों में जमा मलबे को हटाकर उन्हें उनके मूल प्रवाह में लाने पर है, ताकि जल निकासी सुचारू बनी रहे। नंधौर नदी में 10 अप्रैल से रिवर ट्रैपिंग का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए विभिन्न विभागों की मशीनें लगाई जाएंगी।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों—सिंचाई, लोक निर्माण, वन विकास निगम और खनन विभाग—को संयुक्त निरीक्षण कर जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साफ कहा गया है कि मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं।
बैठक में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने बाढ़ सुरक्षा के अलावा गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी, व्यावसायिक सिलेंडर आपूर्ति, श्रीलंका टापू क्षेत्र की समस्याएं और मोतीनगर सड़क का मुद्दा भी उठाया।
इस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि लालकुआं क्षेत्र में रसोई गैस की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए और इसके लिए रोस्टर व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही उपजिलाधिकारी को श्रीलंका टापू में शिविर लगाकर संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
वीओ:
गौला नदी से लालकुआं क्षेत्र में हो रहे भूकटाव को रोकने के लिए भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। जिलाधिकारी ने रिवर ट्रैपिंग और अन्य सुरक्षा कार्यों के लिए शासन को तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
वीओ (अंत):
इसके अलावा तीनपानी से मंडी तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं को देखते हुए टीम गठित कर पुनः निशान लगाने के निर्देश दिए हैं।
टैगलाइन:
मानसून से पहले तैयारियों में जुटा प्रशासन… ताकि बरसात में ना हो कोई बड़ा नुकसान।





