“बच्चों की पढ़ाई के नाम पर लूट! प्रशासन ने खोली महंगी किताबों की पोल”

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“बच्चों की पढ़ाई के नाम पर लूट! प्रशासन ने खोली महंगी किताबों की पोल”

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक


जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के निर्देशों पर 5 अप्रैल 2026 को हल्द्वानी नगर क्षेत्र में बुक सेलर्स के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया गया। इसके लिए नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार हल्द्वानी के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गईं, जिनमें शिक्षा विभाग और राज्य कर विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।

अभियान के दौरान कालाढूंगी रोड और अन्य क्षेत्रों में कई बुक डिपो का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अभिभावकों से बातचीत में यह सामने आया कि कुछ विद्यालय विशेष दुकानों से किताबें खरीदने के लिए स्लिप दे रहे हैं। इस पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित स्कूलों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

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जांच में यह भी पाया गया कि कई विद्यालयों में एनसीईआरटी के अलावा अन्य प्रकाशकों की महंगी किताबें चल रही हैं, जिनका मूल्य अधिक है और उनका औचित्य स्पष्ट नहीं है। शिक्षा विभाग को ऐसे मामलों की गहन जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा कुछ विद्यालयों में प्ले ग्रुप, प्री-नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाओं का संचालन भी सामने आया है। इन संस्थानों की मान्यता और पंजीकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं।

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टीमों ने बुक सेलर्स से विभिन्न स्कूलों की पुस्तकों की सूची और रेट लिस्ट प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही एनसीईआरटी पुस्तकों के रेंडम सैंपल लेकर उनके आईएसबीएन नंबर के आधार पर सत्यापन के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजा जा रहा है।

बुक सेलर्स के बिलों की भी जांच की गई और विस्तृत परीक्षण के लिए राज्य कर विभाग को निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही दुकानदारों को ग्राहकों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और शेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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शिक्षा विभाग द्वारा जारी उस आदेश को भी दुकानों पर चस्पा कराया गया, जिसमें 20 अप्रैल 2026 तक यूनिफॉर्म और किताबों की अनिवार्यता में छूट दी गई है, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

इस निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी, सहायक आयुक्त अश्वनी सिंह, गौतम भंडारी, कुंदन पांगती, प्रधानाचार्य आशीष शर्मा और राजेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।