नैनीताल पुलिस की मध्यस्थता से मदरसन विवाद खत्म, श्रमिकों ने अनशन तोड़ा, लालकुआं की मदरसन कंपनी में सुलह, 12 मांगें मानी गईं, काम पर लौटे मजदूर
SSP डॉ. मंजुनाथ टीसी ने सराहा श्रमिकों का धैर्य, हिंसा की साजिश नाकाम, उपद्रवियों पर पुलिस की सख्त कार्यवाही, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं सहेंगे—अराजक तत्वों को पुलिस की कड़ी चेतावनी।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
लालकुआं क्षेत्र स्थित मदरसन कंपनी में श्रमिकों और प्रबंधन के बीच चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। जिला प्रशासन, श्रम विभाग और नैनीताल पुलिस की संयुक्त मध्यस्थता के बाद श्रमिकों ने अपना अनशन खत्म कर काम पर लौटने का निर्णय लिया है।
मंगलवार को हुई कई दौर की वार्ता के बाद समाधान निकल सका। श्रमिकों द्वारा रखी गई 14 मांगों में से 12 मांगों को प्रबंधन ने तुरंत स्वीकार कर लिया, जबकि शेष 2 मांगों पर शासन स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। समझौते के बाद श्रमिक वापस फैक्ट्री पहुंचे और कामकाज सुचारू रूप से शुरू करने की तैयारी कर ली गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने श्रमिकों के धैर्य और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि पूरे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रही, जो सराहनीय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस श्रमिकों की जायज मांगों के समाधान में सहयोग करती रहेगी।
इस दौरान पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि कुछ बाहरी अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। तोड़फोड़ और हिंसा की साजिश रचने के आरोप में 20-30 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


