वन विभाग के रक्षक ही बन गए हरे पेड़ो के भक्षक।

एस०एम० साहिल- संवाददाता-

वन विभाग के रक्षक ही बन गए हरे पेड़ो के भक्षक।

ज्यादा पैसा कमाने का जुनून जब किसी पर सवार होता हैं तो वो किसी भी हद तक जा सकता हैं। ऐसा ही चोकाने वाला कारनामा किया है। तराई पष्चिमी डिवीजन रामनगर की रेज पतरामपुर की बीट शिवराजपुर के वन विभाग के कर्मचारियों ने आपको बता दे की जब वन विभाग के कुछ कर्मचारियों पे ज्यादा पैसा कमाने का जुनून सवार हुआ तो तस्करो से साठ गांठ कर खैर के हरे पेड़ो को कटवा कर बेच दिया। मुखविर ने बताया कि सबूत मिटाने के मंसूबे से काटे गए खैर के हरे पेड़ो के ठुतो को जमीदोज कर तेजब डालकर मिट्टी में दफना दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों की मांगों पर दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश।

वन विभाग के रक्षक ही बन गए हरे पेड़ो के भक्षक।

जब मुखविर की सूचना पर ये सारा मामला वनाधिकारी बलवन्त सिंह शाही के संज्ञान में आया तो शाही एक्शन मोड में आ गए और तत्काल ही एस०डी०ओ० जगमोहन सिंह रावत के नेतृत्व में एक टीम गठित कर कॉम्विंग करने के आदेश कर दिए है मोके पर पहुँची टीम ने जमीदोज हुए कुछ ठुतो को खोज लिया गया साथ ही अभी कॉम्विंग जारी है।

यह भी पढ़ें 👉  पहाड़ी फलों से कारोबार तक पहुंचा महिलाओं का हुनर, आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मिसाल बना शीतल स्वयं सहायता समूह।

वन विभाग के रक्षक ही बन गए हरे पेड़ो के भक्षक।

दो दिन से वन विभाग की टीम एस०डी०ओ जगमोहन सिंह रावत के नृतेत्व में लगातार कॉम्विंग कर रही हैं। खबर लगने तक कॉम्विंग जारी हैं। तराई पश्चिमी डिवीजन रामनगर में पहली बार इतना गम्भीर मामला सामने आया है।

यह भी पढ़ें 👉  “चोरी के सोने से गाड़ी खरीदने का था प्लान, पुलिस ने 24 घंटे में कर दिया फेल”

वन विभाग के रक्षक ही बन गए हरे पेड़ो के भक्षक।

आम जनता भी इस प्रकरण को बहुत ही गम्भीर मान रही हैं। इस पूरे प्रकरण में वनाधिकारी बलवन्त सिंह शाही की पैनी नजर बनी हुई हैं। बलवन्त सिंह शाही जाँच पूरी होने के बाद कड़ी कार्यवाही की बात कर रहे हैं।

kj
tara