होमस्टे के नाम पर चल रहा था बड़ा गोरखधंधा! प्रशासन की एंट्री होते ही कारोबारियों में भगदड़ और हड़कंप”
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। बाहर से दिख रहे थे आलीशान होमस्टे… अंदर खुल रही थीं नियमों की परतें! पर्यटन नगरी रामनगर में प्रशासन का “ऑपरेशन होमस्टे” ऐसा चला कि कई संचालकों की नींद उड़ गई। उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में बनी तीन संयुक्त टीमों ने जब अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश दी, तो जांच में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
59 होमस्टे की जांच में सिर्फ एक ही ऐसा निकला जो पूरी तरह नियमों पर खरा उतरा। एक अन्य होमस्टे पहले ही कानूनी प्रक्रिया के तहत होटल में बदला जा चुका था, लेकिन बाकी 57 होमस्टे में कहीं दस्तावेज गायब मिले, कहीं पंजीकरण अधूरा और कहीं नियमों को ताक पर रखकर कारोबार चलता मिला।
जांच के दौरान कई जगहों पर भवन निर्माण और व्यवसायिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल खड़े हुए। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब “नो एंट्री” सिर्फ फिल्मों में नहीं, बल्कि नियम तोड़ने वालों पर भी लागू होगी। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि पूरी रिपोर्ट जिला पर्यटन विकास अधिकारी और संबंधित विभागों को भेज दी गई है तथा जल्द ही सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध तरीके से होमस्टे चला रहे संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। रामनगर में तेजी से बढ़ते होमस्टे कारोबार के बीच यह अभियान अब “टूरिज्म की सफाई” के रूप में देखा जा रहा है।


