पर्यटन विभाग की लापरवाही से फल-फूल रहा था अवैध होमस्टे कारोबार, प्रशासनिक जांच में खुली बड़ी पोल।

पर्यटन विभाग की लापरवाही से फल-फूल रहा था अवैध होमस्टे कारोबार, प्रशासनिक जांच में खुली बड़ी पोल।

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

रामनगर। पहाड़ों की शांत वादियों में चल रहे होमस्टे कारोबार पर अब प्रशासन की पैनी नजर पड़ चुकी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के सख्त निर्देश के बाद रामनगर में ऐसा प्रशासनिक “ऑपरेशन होमस्टे” चला कि कई संचालकों की नींद उड़ गई।

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उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में बनी तीन टीमों ने जब एक-एक होमस्टे की पड़ताल शुरू की तो अंदर की तस्वीर चौंकाने वाली निकली। करीब 90 होमस्टे की जांच में 75 जगहों पर भारी अनियमितताएं सामने आईं।

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कहीं बिना पंजीकरण के कारोबार चल रहा था, तो कहीं नियमों को ताक पर रखकर होटलों की तरह संचालन किया जा रहा था। जांच के दौरान 9 होमस्टे बंद मिले, जबकि 4 ऐसे निकले जिनका कोई रजिस्ट्रेशन ही नहीं था। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पूरी जांच में सिर्फ एक होमस्टे ही पूरी तरह वैध मिला।

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एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने साफ कहा कि पूरी रिपोर्ट पर्यटन विभाग को भेज दी गई है और अब विभागीय कार्रवाई तय करेगी कि किस पर गाज गिरेगी। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद होमस्टे कारोबारियों में हड़कंप का माहौल है।