आखिर किसकी श्रेय में रामनगर में हरे भरे पेड़ो में चल रही है आरियां।

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सलीम अहमद शाहिल – संंवाददाता 

रामनगर में फल पट्टी क्षेत्र में लगातार हाई कोर्ट की रोक के बाद भी चल रही हैं आरियां, भू माफियाओं ने कॉलोनीयां विकसित करने के लिए दिन दहाड़े ही 82 पेड़ों पर चलाइयाँ आरिया। बता दें कि भू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं की 12 फरवरी की रात बगीचा मालिक ने आम के हरे भरे पेड़ों पर आरी चलाते हुए काट दिए। इस बीच सूचना पर वन विभाग तराई पश्चिमी की टीम ने मौके पर पहुंचकर बगीचे मालिक के खिलाफ 50 हजार जुर्माना किया। वही बगीचे का मालिक यहीं पर नहीं रुका, उसने दुस्साहस करते हुए और आम के फलदार वृक्षों को काट दिया। इस प्रकार कुल 82 हरे-भरे पेड़ों पर आरी चला दी गई, जिन्हें जड़ से काट दिया गया।

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यह घटना रामनगर के तेलीपुरा क्षेत्र की है बता दें कि पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने आम वह बगीचों पर गांव को फल पट्टी क्षेत्र घोषित किया है, लेकिन फल पट्टी क्षेत्र घोषित होने के बाद भी मुनाफे के चक्कर में कंक्रीट के जंगलों को विकसित करने के लिए बड़े मुनाफे के चक्कर मे भूमाफिया लगातार हरे भरे पेड़ों फलदार पेड़ों को काटा जा रहा है।

 

वही इस विषय में जानकारी देते हुए रामनगर वन प्रभाग तराई पश्चिमी के प्रभागीय वनाधिकारी बलवंत सिंह साही ने कहा कि हमसे किसी भी प्रकार की बगीचे मालिक द्वारा लोपिंग या अन्य किसी भी प्रकार की परमिशन नहीं ली गई थी। उन्होंने कहा कि वृक्ष अधिनियम के तहत बगीचे मालिक पर कार्रवाई की जा रही है।

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वहीं मामले में रामनगर सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने कहा कि दोषी किसी भी प्रकार से बख्शे नहीं जाएंगे और उनके द्वारा बताया गया कि इन भू माफियाओं द्वारा 82 पेड़ो के साथ ही एक और व्यक्ति के 24 अन्य हरे भरे पेड़ो को काटा गया है जिसमें सीओ ने बताया कि जफर अहमद पुत्र खलील अहमद द्वारा रामनगर कोतवाली में पांच व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर दी जिसमें एक काशीपुर और चार रामनगर के निवासी हैं।  जिन्होंने उसके दो बिगा जमीन पर 24 पेड़ो को काटा गया है। जिनके विरुद्ध FIR No. 65/ 2022 धारा 379/427 भादवि 4/10 वृक्ष संरक्षण अधिनियम मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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वही आरटीआई कार्यकर्ता अजीम खान ने बताया कि मेरे द्वारा तहसील रामनगर में 20 दिन पहले इस बगीचे के कटने की लिखित सूचना दी गई थी लेकिन विभाग ने इसको नजरअंदाज किया। और कोई में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जिसकी वजह से भू माफियाओं द्वारा इसको जड़ से काट दिया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि भू माफियाओं को कुछ लोगों का संरक्षण प्राप्त है जिसकी वजह से वह ऐसा घिनौना अपराध कर रहे हैं।

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