चमोली आपदा पर सीएम धामी सख्त – लापता लोगों की खोज तेज करने और प्रभावितों को तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश।

चमोली आपदा पर सीएम धामी सख्त – लापता लोगों की खोज तेज करने और प्रभावितों को तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश।
ख़बर शेयर करें -

चमोली आपदा पर सीएम धामी सख्त – लापता लोगों की खोज तेज करने और प्रभावितों को तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

देहरादून/चमोली। उत्तराखण्ड में अतिवृष्टि से उत्पन्न हालात पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार नज़र बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार देर रात सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से चमोली जनपद में हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि लापता लोगों की खोज अभियान को पूरी तत्परता से चलाया जाए, घायलों को बेहतर उपचार मिले और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में कोई ढिलाई न हो। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली-पानी आपूर्ति, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर- मुख्यमंत्री

भारी नुकसान और लापता लोग

  • ग्राम कुन्तारी लगाफाली (तहसील नंदानगर) : अतिवृष्टि से 08 लोग लापता, 15-20 भवन और गौशालाएं क्षतिग्रस्त। मलबे में दबे 3 लोग (2 महिलाएं व 1 बच्चा) सुरक्षित रेस्क्यू किए गए। लगभग 200 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया।

  • ग्राम कुन्तारी लगा सरपाणी : 02 लोग लापता, 02 भवन क्षतिग्रस्त। 100 से अधिक ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए।

  • ग्राम धुर्मा : मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ने से 02 लोग लापता, 8-10 भवन क्षतिग्रस्त।

यह भी पढ़ें 👉  77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में फहराया राष्ट्रीय ध्वज

राहत और बचाव दल सक्रिय
घटनाओं की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी गौचर 8वीं वाहिनी की टीमों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। हालांकि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण रेस्क्यू टीमों को स्थल तक पहुँचने में विलंब हो रहा है। कई दल पैदल मार्ग से प्रभावित गांवों तक पहुँच रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम आवास से बाल विवाह मुक्ति रथ का फ्लैग ऑफ, रोकथाम अभियान को मिली गति

मुख्यमंत्री के निर्देश

  • प्रभावित परिवारों को आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

  • सभी राहत शिविरों में आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

  • बिजली-पानी आपूर्ति और सड़क संपर्क जल्द बहाल किया जाए।

  • लापता लोगों की खोज में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

सुबह होते ही सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, एडीजी (प्रशासन) आनंद स्वरूप, एडीजी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी और जेसीईओ मो. ओबेदुल्लाह अंसारी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे। कंट्रोल रूम से घटनास्थलों पर राहत-बचाव अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।