“वन्यजीवों की सुरक्षा में निरंतर प्रयास: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक धीरज पाण्डेय द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत फैलने वाले टाइगरों के सहायक रेस्क्यू कार्य”

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“वन्यजीवों की सुरक्षा में निरंतर प्रयास: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक धीरज पाण्डेय द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत फैलने वाले टाइगरों के सहायक रेस्क्यू कार्य”

 

उधम सिंह राठौर  – प्रधान संपादक

 

रामनगर में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे गावो में आजकल बाघ का आतंक छाया हुया हे जिसको लेकर ग्रामीण परेशान हे। जिसको लेकर 4 दिसम्बर को ग्रामीणों ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व  कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया था। ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, बाघ और तेंदुए ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे हैं  हर गांव के अंदर बाघ तेंदुए दिखाई दे रहे हैं कॉर्बेट प्रशासन के द्वारा दो बाघों का रेस्क्यू कर लिया है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वहां पर कई और बाघ घूम रहे हैं।

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वही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक धीरज पाण्डेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत फैलाने वाले दो टाइगर को रेस्क्यू कर लिया है। कैमरा ट्रैक और ड्रोन की हमारी टीमें दिन रात लगातार गस्त कर रही है। ढेला रेस्क्यू सेंटर के पास जो घटना हुई है, उसके लिए जीमेदार बाघ के सेम्पल ले लिए गये है।

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उसमें पीड़ित को अग्रिम सहायता प्रदान कर दी गई है और पूरे मुआवजे की बात चल रही है और फाइनल सहायता के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है जैसे ही वह कार्रवाई पूरी हो जाती है तो तुरंत उसका भुगतान कर दिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि जल्द ही इनका समाधान निकाला जाए जिससे ग्रामीणों को जगली जानवरों के आतंक से निजाद दिलाई जा सके।