सीएम Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर देहरादून ट्रैफिक सुधार मिशन तेज।
परेड ग्राउंड–गांधी पार्क के बीच बनेगी 390 वाहनों की अंडरग्राउंड पार्किंग, सचिवालय क्षेत्र में भी 189 वाहनों की नई योजना
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पार्किंग संकट से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर बुधवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राजधानी के लिए दो बड़ी अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजनाओं पर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सचिव आवास डॉ. R. Rajesh Kumar ने की।
बैठक में परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के मध्य प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजना का पीपीटी प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार इस योजना के अनुसार लगभग 6500 वर्गमीटर क्षेत्र में जी-1 स्तर की आधुनिक पार्किंग विकसित की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये होगी। इस पार्किंग में करीब 390 वाहनों को खड़ा करने की सुविधा मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से राजपुर रोड, ऐस्ले हॉल, सुभाष रोड और लैंसडाउन चौक जैसे व्यस्त इलाकों में सड़क किनारे खड़े वाहनों की समस्या कम होगी और ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसके लिए बनेगा विशेष प्लान
बैठक में सचिव आवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए विस्तृत ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और एमडीडीए के साथ समन्वय बनाकर चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
एनओसी और पार्किंग शुल्क पर भी होगा परीक्षण
परियोजना को अंतिम स्वीकृति देने से पहले खेल विभाग और नगर निगम से एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पार्किंग शुल्क निर्धारण, इनफोर्समेंट प्लान और संचालन मॉडल को लेकर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
सचिवालय क्षेत्र में 68 करोड़ की दूसरी पार्किंग योजना
बैठक में सचिवालय के राजपुर रोड की ओर स्थित भूमि पर प्रस्तावित दूसरी अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजना पर भी चर्चा हुई। इस योजना की अनुमानित लागत 68 करोड़ रुपये रखी गई है, जिसमें 189 वाहनों की पार्किंग क्षमता प्रस्तावित है।
हालांकि प्रति वाहन लगभग 35 लाख रुपये लागत आने पर सचिव आवास ने आपत्ति जताते हुए लोक निर्माण विभाग को योजना का पुनर्मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट करने को कहा कि यह पार्किंग केवल सचिवालय कर्मचारियों के लिए होगी या आम जनता के उपयोग के लिए भी उपलब्ध रहेगी।
पर्यावरण संतुलन के साथ बनेगा मॉडल प्रोजेक्ट
बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों परियोजनाओं को पर्यावरणीय मानकों और आधुनिक शहरी नियोजन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। हरित क्षेत्र, पारिस्थितिकी संतुलन और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए इन्हें मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सचिव आवास डॉ. R. Rajesh Kumar ने कहा कि सरकार राजधानी देहरादून को सुनियोजित, व्यवस्थित और ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा पर्यावरण संतुलन के साथ इन योजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य किया जाएगा।


