गैरसैंण से धामी का संदेश: आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर तेजी से कदम।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
ग्रीष्मकालीन राजधानी Gairsain (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देवभूमि के देवी-देवताओं, देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही आज उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Gairsain सरकार के लिए केवल भौगोलिक स्थान नहीं बल्कि पहाड़ की उम्मीदों, आकांक्षाओं और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण उसी संकल्प का प्रतीक है जिसके लिए उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन चला था, इसलिए सरकार की नीतियों और योजनाओं में गैरसैंण की भावना को विशेष स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee को जाता है। वहीं प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में राज्य को विकास की नई दिशा और गति मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा केदार की पावन धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” और राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि इस बार बजट का आकार 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के सवा करोड़ लोगों की आकांक्षाओं और उम्मीदों का प्रतिबिंब है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा भी करती है। उन्होंने बताया कि मुख्यसेवक के रूप में की गई 3885 घोषणाओं में से 2408 घोषणाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं, जबकि बाकी पर तेजी से काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य की जीएसडीपी में तेजी आई है और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही राज्य के बजट का आकार भी 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, होटल और होमस्टे सेक्टर को बढ़ावा देकर राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं।


















