चारधाम यात्रा मार्गों पर सफाई के लिए बनेगी ‘डबल सिस्टम’, वायु गुणवत्ता सुधार पर सख्ती।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून। चारधाम यात्रा को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार अब सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने जा रही है। प्रमुख सचिव वित्त रमेश कुमार सुधांशु ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों और अस्थायी आश्रय स्थलों पर “समानांतर प्रणाली” (डबल सिस्टम) के तहत सफाई कार्य संचालित किया जाए, ताकि कहीं भी गंदगी न रहे।
सचिवालय में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत आयोजित राज्य स्तरीय वायु गुणवत्ता निगरानी समिति की बैठक में प्रमुख सचिव ने देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में राज्य की रैंकिंग सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए सामग्री को ढकना और नियमित पानी का छिड़काव अनिवार्य किया जाए। इसके लिए एमडीडीए के साथ समन्वय बढ़ाने को भी कहा गया।
चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सचिव ने एनजीओ की भागीदारी से चिन्हित स्थानों पर अतिरिक्त सफाई व्यवस्था लागू करने, नियमित निगरानी रखने और कूड़ा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। कूड़ा उठान वाले वाहनों में डस्टबिन की व्यवस्था, ‘क्या करें-क्या न करें’ के पेम्पलेट्स और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 के अनुसार कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून में पीएम10 स्तर में 44.27% सुधार दर्ज किया गया है, जबकि ऋषिकेश में 38.2% और काशीपुर में 26.92% सुधार हुआ है।
साथ ही काशीपुर में निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के प्रस्ताव को जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वन विभाग के सचिव सी. रविशंकर, नगर आयुक्त नमामि बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


















