ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था खस्ताहाल, खूले मे बच्चे  पड़ने को मजबूर।

ख़बर शेयर करें -

सलीम अहमद साहिल – सवादाता  

मालधन – तूफान ने उड़ाई विद्यालय की छत मासूम बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर है आपको बता दे रामनगर के मालधन क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था खस्ता हाल हो चुकी हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। बीती शाम आये तूफान ने शिक्षा विभाग की खस्ता हाल कार्यशैली की पोल खोल कर रख दी हैं। रामनगर के मालधन क्षेत्र में राजकीय प्रथमिक विद्यालय कुमुगडार सेकेंड सन 2013 से आज दिनांक तक एक टीन सेट के कमरे में संचालित है।

यह भी पढ़ें 👉  अग्निवीरों के भविष्य पर सरकार का भरोसा, धामी ने दी 10% आरक्षण की जानकारी।

 

अपने मासूम बच्चों के भविष्य को सबारने के लिए माता पिता जिस विद्यालय की आस लगा कर बच्चों को पढ़ने के लिए भेजते है। उस विद्यालय को बने नो साल हो गए है। लेकिन आज तक ना तो बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था हुई हैं। ना बच्चों के लिए पीने का पानी की कोई व्यवस्था शिक्षा विभाग ओर शासन करवा पाया हैं। जिस वक्त तेज तूफान के आने से विद्यालय की टीन उड़ी गनीमत रही कि विद्यालय की छूट्टी हो चुकी थीं नही तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। वही खंड शिक्षा अधिकारी वंदना रौतेला ने बताया कि वन विभाग की भूमि होने की वजह से पढ़ाई करवाई जाती है।

यह भी पढ़ें 👉  अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा

समय-समय पर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाता है। इस मामले को भी हम उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे और जल्द ही कोई उचित व्यवस्था की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में बजट सत्र के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री।

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *