रामनगर में ‘फर्जी’ बिजली बिलों का खेल? बंद मीटरों पर हजारों की वसूली से उपभोक्ता त्रस्त।

रामनगर में ‘फर्जी’ बिजली बिलों का खेल? बंद मीटरों पर हजारों की वसूली से उपभोक्ता त्रस्त।
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रामनगर में ‘फर्जी’ बिजली बिलों का खेल? बंद मीटरों पर हजारों की वसूली से उपभोक्ता त्रस्त।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर। पर्यटन नगरी रामनगर में विद्युत विभाग की लापरवाही अब बड़े सवाल खड़े कर रही है। सर्वर ठप होने का हवाला देकर महीनों से बिल अपडेट नहीं किए जा रहे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बंद पड़े मीटरों पर भी हजारों रुपये के बिजली बिल थमा दिए गए हैं।

स्थानीय उपभोक्ताओं ने दावा किया है कि जिन घरों और दुकानों में लंबे समय से बिजली खपत शून्य है या कनेक्शन बंद हैं, वहां भी भारी-भरकम बिल जारी हो रहे हैं। शिकायतों के बावजूद विभागीय स्तर पर न तो जांच की जा रही है और न ही बिलों में संशोधन।

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सूत्रों के अनुसार, सर्वर समस्या के कारण वास्तविक रीडिंग अपडेट नहीं हो पा रही है, जिसके चलते अनुमानित बिल जारी किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। कई लोगों का कहना है कि गलत बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जा रही है, जिससे वे दबाव में भुगतान करने को मजबूर हो रहे हैं।

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हाल ही में आयोजित जनता दरबार में भी यह मामला उठा था, जहां जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के समक्ष नागरिकों ने अपनी शिकायतें रखीं। हालांकि, आरोप है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों ने अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की।

उपभोक्ताओं ने मांग की है कि:

  • सर्वर समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।

  • बंद मीटरों और शून्य खपत वाले कनेक्शनों की विशेष जांच हो।

  • गलत बिलों को निरस्त कर संशोधित बिल जारी किए जाएं।

  • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

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यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय नागरिक आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर सर्वर की आड़ में यह लापरवाही कब तक चलती रहेगी? क्या आम उपभोक्ता को यूं ही परेशान किया जाता रहेगा या विभाग जवाबदेही तय करेगा?