नैनीताल पुलिस ने भुवन पोखरिया की झूठी कहानी का किया पर्दाफाश, झूठे हमले की कहानी गढ़कर सुरक्षा मांगने का आरोप, पुलिस ने कोर्ट में पेश की रिपोर्ट।

नैनीताल पुलिस ने भुवन पोखरिया की झूठी कहानी का किया पर्दाफाश, झूठे हमले की कहानी गढ़कर सुरक्षा मांगने का आरोप, पुलिस ने कोर्ट में पेश की रिपोर्ट।
ख़बर शेयर करें -

नैनीताल पुलिस ने भुवन पोखरिया की झूठी कहानी का किया पर्दाफाश, झूठे हमले की कहानी गढ़कर सुरक्षा मांगने का आरोप, पुलिस ने कोर्ट में पेश की रिपोर्ट।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

नैनीताल पुलिस ने चोरगलिया निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भुवन पोखरिया के झूठे हमले के दावे का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की गहन जांच में पाया गया कि भुवन पोखरिया द्वारा 15 दिसंबर को दर्ज कराया गया जानलेवा हमले का मामला पूरी तरह से मनगढ़ंत था।

यह भी पढ़ें 👉  वीकेंड पर ट्रैफिक जाम से राहत के लिए नैनीताल पुलिस अलर्ट, हर चौराहे पर तैनाती

 

 

क्या है मामला?

भुवन पोखरिया ने चोरगलिया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन पर एक वाहन चालक ने जानलेवा हमला किया। शिकायत में उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग की थी।

जांच में क्या सामने आया?

  • सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन: घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच में ऐसी किसी घटना के प्रमाण नहीं मिले।
  • गवाहों के बयान: पुलिस ने वाहन चालक और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की। बयानों में भारी विरोधाभास पाया गया।
  • स्थानीय निवासियों के बयान: घटनास्थल के आसपास के लोगों ने भी किसी हमले की घटना से इनकार किया।
यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री आवास में शहद उत्पादन की नई मिसाल, 45 दिन में 520 किलो उत्पादन।

पुलिस का निष्कर्ष

जांच अधिकारी बलबीर राणा की रिपोर्ट के अनुसार, भुवन पोखरिया ने अपनी सुरक्षा पाने के लिए यह झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी है और कार्यवाही के लिए पत्र प्रेषित किया है।

यह भी पढ़ें 👉  🔥*नैनीताल में लव जिहाद/धर्मांतरण पर पुलिस का सख्त एक्शन, SSP मंजुनाथ टीसी का साफ संदेश—अब नहीं बख्शेंगे* 🔥*संयुक्त टीम की बड़ी कार्यवाही, मोहम्मद यूनुस उर्फ AMDY गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज जेल*

पुलिस का संदेश

नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट किया कि झूठे मामले दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना पुलिस की सतर्कता और निष्पक्ष जांच का उदाहरण है।

झूठे मामलों से बचें, कानून का दुरुपयोग न करें।