जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान से आमजन को मिल रहा त्वरित न्याय

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, निगरानी और सुरक्षा उपाय और प्रभावी करने के निर्देश।
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जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान से आमजन को मिल रहा त्वरित न्याय

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

राज्य सरकार की “जन –जन की सरकार,  जन–जन के द्वार ” पहल के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित जन समस्या समाधान कैम्प आमजन के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं। इस अभियान के माध्यम से सरकार जनता तक सीधे पहुंच कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

आज  13 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 13 जनपदों में कुल 326 कैम्प आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2,51,407 नागरिकों ने प्रतिभाग किया। इन कैम्पों में अब तक 26,722 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 18,123 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह राज्य सरकार की संवेदनशील एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि कैम्पों के माध्यम से विभिन्न विभागों से संबंधित 36,682 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। इसके अतिरिक्त, 1,37,641 व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया है।

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हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा एवं देहरादून जैसे जनपदों में बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता यह दर्शाती है कि यह अभियान जनता की वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष लंबित शिकायतों एवं आवेदनों का भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की मंशा केवल समस्याएं सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाधान, पारदर्शिता और जनविश्वास को सुदृढ़ करना है। “ जन-जन की सरकार,  जन-जन के द्वार ” के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है, जो विकसित उत्तराखंड की दिशा में एक सशक्त कदम है।