रामनगर की दस वर्षीय बाल कलाकार किरन कोटवाल ने रचा इतिहास, वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया नाम।

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रामनगर की दस वर्षीय बाल कलाकार किरन कोटवाल ने रचा इतिहास, वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया नाम।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर (नैनीताल) 

रामनगर की दस वर्षीय प्रतिभाशाली बाल कलाकार किरन कोटवाल ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से इतिहास रचते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया है। गुरुनानक पब्लिक स्कूल की कक्षा पांच की छात्रा किरन ने सबसे कम उम्र—नौ वर्ष तीन माह 28 दिन—में 50 म्यूजिकल वाद्य यंत्र बजाकर इन्फुलेंसर बनने का गौरव हासिल किया है, जो न केवल रामनगर बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।

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इस असाधारण उपलब्धि के लिए किरन को 25 जनवरी 2026 को जयपुर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक भव्य अवार्ड समारोह में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया गया, जिसमें किरन ने अपनी विशेष पहचान बनाई।

किरन के पिता के मित्र हेम चन्द्र पाण्डे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस उपलब्धि के पीछे वर्षों की कठिन साधना छिपी है। किरन प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक लगातार अभ्यास करती रही। सितार, गिटार और वायलिन जैसे वाद्य यंत्रों की तारों से हाथों को चोट न लगे, इसके लिए वह बार-बार हाथों पर बैंडेज और टेप लगाकर रियाज करती थी।

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किरन अपने पिता प्रकाश कोटवाल के साथ पैठ पड़ाव स्थित म्यूजिक क्लास में निरंतर अभ्यास में लीन रहती है। इस लक्ष्य को पाने के लिए उसने पढ़ाई और संगीत के बीच संतुलन बनाकर निरंतर मेहनत की। इस सफलता में गुरुनानक पब्लिक स्कूल की प्रबंधन टीम, प्रधानाचार्य रितु मैम एवं शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने पढ़ाई में पूरा समर्थन दिया।

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किरन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर रामनगर क्षेत्र के जनसेवियों, पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने नन्ही कलाकार को आशीर्वाद दिया तथा कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। किरन की सफलता आज हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई है।