उत्तराखंड से उठी नशे के खिलाफ हुंकार, देहरादून सम्मेलन में होगा बड़ा मंथन।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। “नशा मुक्त उत्तराखंड, नशा मुक्त भारत” के संकल्प को लेकर नशा मुक्ति जन जागरण संयुक्त अभियान समिति उत्तराखंड एवं राष्ट्रीय शराबबंदी संयुक्त मोर्चा नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 24 और 25 मई को देहरादून स्थित जैन धर्मशाला में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधि भाग लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में चलाए गए नशा विरोधी अभियानों के अनुभव साझा करेंगे और भविष्य की संयुक्त रणनीति पर मंथन करेंगे।
आयोजन समिति के सदस्य राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि शराब, ड्रग्स, स्मैक, चरस, गांजा, हीरोइन, ब्राउन शुगर और नशे के इंजेक्शन जैसे प्रतिबंधित पदार्थ गांव-गांव और गली-गली तक आसानी से पहुंच चुके हैं, जिससे युवा और बच्चे तेजी से इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध और सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है तथा इसका दुष्प्रभाव सामाजिक ताने-बाने पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
प्रभात ध्यानी ने आरोप लगाया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल तस्कर और माफिया सिस्टम में गहरी पैठ बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति और नीयत में खोट के कारण वैध और अवैध नशा कारोबार फल-फूल रहा है तथा ऐसे लोग सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों के जरिए समाज में अपनी स्वीकार्यता बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, व्यापारिक, छात्र, कर्मचारी, महिला, किसान और मजदूर संगठनों से नशे के खिलाफ एकजुट होने और 24-25 मई को देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।
पत्रकार वार्ता में आसिफ, लालमणि, चिंताराम और एस.आर. टम्टा सहित कई लोग उपस्थित रहे।


