विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राथमिक पूर्व जिलाधिकारी को दी श्रद्धांजलि।

ख़बर शेयर करें -

रोशनी पाण्डेय -सह सम्पादक

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय छत्तरपुर के बच्चो ने पौधरोपण किया तथा मिशन आगाज के संस्थापक पूर्व जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता जी को उनके पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। प्रधानाध्यापिका गायत्री पांडे ने बताया कि मिशन आगाज के संस्थापक तत्कालीन जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता जी आज के ही दिन 5 जून 2016 में हृदयगति रुक जाने के कारण असमय दुनिया से चल बसे थे। उन्होंने मिशन आगाज के तहत बहुत से ऐसे बच्चो को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा था जो कभी कूड़ा बीनने व भिक्षावृति में लिप्त थे।अब उनमे से कुछ बच्चे कक्षा ग्यारह, दस, नौ तथा आठ में भी पहुच गए हैं ।

यह भी पढ़ें 👉  शिक्षा की बात’ कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने किया छात्रों से संवाद, प्रतिभा पहचानने पर दिया जोर।

 

तभी से हर साल ऐसे बच्चो को चिह्नित करके विद्यालय में नामांकित कर उन्हें विशेष शिक्षा प्रदान किया जाता है। 31 मई से विद्यालय में ग्रीष्मावकाश पड़ जाने पर एक जून से छह जून तक विद्यालय में छह दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया गया है, जिसमें मिशन आगाज के बच्चो के साथ विद्यालय के 60 और बच्चो ने प्रतिभाग किया है। समर कैंप में बच्चो को ड्राइंग, क्राफ्टवर्क, योगासन, कंप्यूटर, पपेट बनाना, कराटे, अखबार से लिफाफे बनाना, इंग्लिश स्पीकिंग, पुरानी बॉटल से गुलदस्ते आदि बनाना सिखाया जा रहा है। बच्चे भी विभिन्न कौशलो को सीखने हेतु बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। समर कैंप में बच्चो के अभिभावकों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। श्रीमती पांडे ने बताया कि कुछ बच्चो ने अपने घरों के आसपास वृक्षों में रक्षासूत्र बांधकर वृक्षों की सेवा का संकल्प ले कर पूर्व जिलाधिकारी को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

यह भी पढ़ें 👉  GMFX GLOBAL LIMITED घोटाला: निवेश दोगुना करने का झांसा देकर 8.10 लाख की ठगी, कंपनी मालिक गिरफ्तार।

 

अक्षत गुप्ता जी का सपना था कि देश का हर बच्चा पढ़े और आगे बढ़े, इसी के चलते उन्होंने मिशन आगाज की स्थापना की थी। प्रधानाध्यापिका गायत्री पांडे ने बताया कि मिशन आगाज़ हमेशा चलता रहेगा और अक्षत गुप्ता जी का सपना जरूर साकार होता रहेगा। इस अवसर पर विनय दिवेदी, संदीप धीर, रेणुका सिरोही, बबीता सिरोही, कुमुद अदलखा, स्वीटी खुराना तथा समर कैंप में उपस्थित सभी बच्चे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *