*शराबखोरी पर रोक लगी तो भड़क गए कुछ ट्रक ड्राइवर गलती अपनी, आरोप पुलिस पर – सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल*
*पुलिस की सख्ती से परेशान अराजक तत्व, जनता राहत में*
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
ज्योलिकोट (नैनीताल)।
ज्योलिकोट क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई वैधानिक पुलिस कार्रवाई को बदनाम करने की साजिश सामने आई है। सोशल मीडिया पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हुए पुलिस की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी कि कुछ ट्रक चालक लंबे समय से सड़कों पर वाहन खड़े कर खुलेआम शराब का सेवन कर रहे हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, बल्कि क्षेत्र का माहौल भी लगातार खराब हो रहा था। स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान मौके पर पहुंचकर संबंधित चालकों को वाहन हटाने के निर्देश दिए। इसी दौरान एक ट्रक चालक द्वारा पुलिस कर्मियों से अभद्रता की गई। पुलिस ने संयम बरतते हुए नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए चालान किया।
इसके बाद वही चालक अब सोशल मीडिया पर खुद को पीड़ित बताकर पुलिस पर निराधार आरोप लगा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह से “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली स्थिति है, जहां नियम तोड़ने वाला ही कानून के रखवाले पर सवाल उठा रहा है।
स्थानीय जनता और व्यापारियों ने एक स्वर में पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा है कि पुलिस निष्पक्षता से काम कर रही है और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है।
सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार की भी जांच की जा रही है, ताकि कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके।






