तहसील दिवस पर रामलीला कराने को लेकर उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।

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रोशनी पाण्डेय (सह सम्पादक)

प्रगतिशील सांस्कृतिक पर्वतीय समिति रामनगर में पिछले 47 सालों से लगातार रामलीला का आयोजन होता रहा है। पिछले वर्ष 47 सालों से चली आ रही रामलीला पर 48 वर्ष में कोविड की वजह से स्थानीय प्रशासन ने रोक लगा दी थी। आज प्रगतिशील सांस्कृतिक पर्वतीय समिति पैठपड़ाव ने रामलीला कराने के संबंध में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रगतिशील संस्कृति पर्वती समिति के महाप्रबंधक दिनेश चंद्र सत्यवली ने कहा कि कई वर्षों से रामलीला का आयोजन पैठ पड़ाव रामनगर में किया जाता है, त वर्ष से कोरोना के कारण रामलीला का आयोजन नहीं हो पाया था  परंतु अब कुछ माह से करोना पूरे देश में मात्रा कम हुई है। उसके साथ ही उन्होंने कहा राजनीतिक सम्मेलन का आयोजन हो रहा है जिसमें हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित हो रही है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से कहा कि देश राजनीति व गैर राजनीतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। जिसमें हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित हो रही है तो रामलीला का आयोजन क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि हमें रामलीला का आयोजन कराने की अनुमति दी जाए। वही इस विषय में जानकारी देते हुए उपजिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ल ने कहा कि हमारे द्वारा उनके आयोजन पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं है। हमारे द्वारा उन्हें बता दिया गया है कोविड के नियमों का पालन करते हुए वे रामलीला का आयोजन कर सकते हैं। वही अब 47 सालों से चली आ रही परंपरा 48 वर्ष टूटी थी, वही 49 वर्ष में अब फिर से रामलीला का रामनगर में होगा मंचन। रामनगर की रामलीला को देखने के लिए कुमाऊं और गढ़वाल के लोग भी रामनगर पहुंचते हैं।

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