कॉर्बेट में रोटेसन प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू किये जाने को लेकर, रोटेशन के पक्ष वाले दर्जनों जिप्सी कारोबारी ही बैठे धरने पर।

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उधम सिंह राठौर – सम्पादक

विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में रोटेशन प्रक्रिया को पूरी तरह लागू करने की मांग को लेकर दर्जनों जिप्सी मालिकों के साथ ही जिप्सी चालक 2दिनों से धरने पर बैठे हैं, और इन लोगों का कहना है कि वह अनिश्चितकाल के लिए जब तक जिप्सी रोटेशन प्रणाली पूर्ण तरीके से लागू नहीं कर दी जाती तब तक धरने पर बैठे रहेंगे. बता दें कि बीते हफ्ते कोर्बेट प्रशासन से समझौते के बाद एक पक्ष ने अपना धरना खत्म कर दिया था, वहीं 2 दिनों से अब रोटेशन प्रक्रिया के समर्थन जिप्सी ऑनर भी धरने पर बैठ गए हैं, उन्होंने कॉर्बेट रिजर्व के आरक्षण केंद्र केबाहर धरना दे दिया है, इन जिप्सी मालिकों का कहना है कि कोर्बेट प्रशासन दिल्ली में बैठे ट्रैवल एजेंटों और रिसोर्ट मालिकों को मोटा मुनाफा पहुंचाने के लिए शत प्रतिशत रोटेशन प्रक्रिया को लागू नहीं कर रहा है. बता दें कि कॉर्बेट पार्क में रजिस्टर्ड जिप्सी मालिकों का दूसरा गुट और होटल और रिसॉर्ट एसोसिएशन रोटेशन प्रक्रिया के खिलाफ में धरने पर बैठा था, जिन्होंने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से समझौते के बाद 2 दिन पूर्व अपना धरना खत्म कर दिया था. वही रोटेशन प्रक्रिया विरोधियों के धरना समाप्त करने के बाद बाहर धरना दे दिया है, इन जिप्सी मालिकों का कहना है कि कोर्बेट प्रशासन दिल्ली में बैठे ट्रैवल एजेंटों और रिसोर्ट मालिकों को मोटा मुनाफा पहुंचाने के लिए शत प्रतिशत रोटेशन प्रक्रिया को लागू नहीं कर रहा है.बता दें कि कॉर्बेट पार्क में रजिस्टर्ड जिप्सी मालिकों का दूसरा गुट होटल और रिसॉर्ट एसोसिएशन रोटेशन प्रक्रिया के खिलाफ में धरने पर बैठा था, जिन्होंने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से समझौते के बाद 2 दिन पूर्व अपना धरना खत्म कर दिया था. वही रोटेशन प्रक्रिया विरोधियों के धरना समाप्त करने के बाद रोटेशन के समर्थक जिप्सी मालिकों का 2 दिन से कॉर्बेट के आरक्षण केंद्र बाहर धरना जारी है, धरने पर बैठे जिप्सी मालिक रोटेशन को लेकर हुए समझौते से नाखुश हैं. इन लोगों का आरोप है कि समझौते में उनके साथ नाइंसाफी हुई है.जिप्सी चालक रोटेशन को लेकर हुए समझौते से नाखुश हैं. इन लोगों का आरोप है कि समझौते में उनके साथ नाइंसाफी हुई है. जिप्सी चालक सुभाष का कहना है कि रोटेशन प्रक्रिया पूर्ण तरीके से लागू होने चाहिए, रोटेशन में हर किसी का नंबर आना तय है, लेकिन 2 दिन पूर्व समझौते में जिप्सी चालक अपनी मर्जी से महीने में 38 बार अपने मनचाहे पर्यटकों को भ्रमण पर ले जा सकता है. उन्होंने कहा कि जब 38 बार वह अपने मनचाहे पर्यटकों को ले जा सकता है महीने में तो रोटेशन प्रणाली पूर्ण तरीके से लागू कहां रह गई, उन्होंने रोटेशन प्रणाली को पूर्ण तरीके से लागू करने की बात कही. जिप्सी कारोबारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती तब तक वह अनिश्चितकाल धरने पर बैठे रहेंगे।

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इस विषय में ज्यादा जानकारी देते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल कुमार का कहना है कि कॉर्बेट में रोटेशन पद्धति जिसके माध्यम से जिप्सी आवंटन ट्रांसपेरेंट रूप में हो सकेगा वह लागू की जा रही है. इसके संबंध में कुछ भ्रांतियां हैं सभी जो भी पक्ष से हैं इसमें जिप्सी कारोबारियों से वार्ता करके इन भ्रांतियों को दूर र किया जा रहा है. साथ ही साथ जो भी उनकी दिक्कतें हैं उनको भी सेटल करने की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यह है कि यहां पर जो भी टूरिस्ट आए उनको एक ट्रांसपेरेंट तरीके से आसानी से जिप्सी की सुविधा मिल सके. साथ ही साथ जो स्थानीय लोग हैं उनको भी समुचित रोजगार मिल सके।

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