कॉर्बेट क्षेत्र में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की दिशा में बड़ी पहल, 4850 किलो प्लास्टिक भेजा गया वैज्ञानिक उपचार के लिए।

कॉर्बेट क्षेत्र में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की दिशा में बड़ी पहल, 4850 किलो प्लास्टिक भेजा गया वैज्ञानिक उपचार के लिए।
ख़बर शेयर करें -

कॉर्बेट क्षेत्र में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की दिशा में बड़ी पहल, 4850 किलो प्लास्टिक भेजा गया वैज्ञानिक उपचार के लिए।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर (कॉर्बेट)। कॉर्बेट क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक बड़ी और सराहनीय पहल सामने आई है। रामनगर ब्लॉक की पर्यावरण सखियों ने संगठित प्रयास करते हुए कम मूल्य वाले प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

पर्यावरण सखियों द्वारा हिम्मतपुर डोटीयाल, सांवल्दे ईस्ट, सांवल्दे वेस्ट, ढेला, गौतम नगर मालधन, आनंद नगर मालधन, लछमपुर थेरी, क्यारी, ढिकुली, सीटीआर कैंपस एवं गर्जिया मंदिर क्षेत्र से कुल 4850 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया। इसमें एमएलपी (MLP), टेट्रापैक सहित अन्य कम मूल्य वाले प्लास्टिक शामिल थे। इस कचरे को 192 गांठों (बेल्स) के रूप में तैयार कर देहरादून स्थित वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी के हर्रावाला एमआरएफ केंद्र भेजा गया, जहां इसका को-प्रोसेसिंग एवं वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  PM सुरक्षा में महिला शक्ति का दम, 550 महिला पुलिसकर्मी मोर्चे पर तैनात।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख रामनगर, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान हिम्मतपुर डोटीयाल, क्षेत्र की पर्यावरण सखियाँ तथा वेस्ट वॉरियर्स कॉर्बेट टीम उपस्थित रही। सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पर्यावरण सखियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे स्वच्छ पर्यावरण और सतत कचरा प्रबंधन की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।

यह भी पढ़ें 👉  जनसुनवाई में आयुक्त दीपक रावत सख्त, कई मामलों का मौके पर समाधान।

वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की पहल न केवल प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में मदद करती है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूती प्रदान करती है। पर्यावरण सखियों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि स्थानीय समुदाय के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर के 20 प्राइवेट स्कूलों पर शिक्षा विभाग सख्त, कॉपी-किताब और ड्रेस खरीद मामले में नोटिस जारी। कोंन कोंन से वो स्कूल पूरी खबर खोलकर पढ़िये।

कॉर्बेट क्षेत्र में की गई यह पहल आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण साबित हो सकती है और क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।