

*जेल परिसर में वारदात से पहले ही पुलिस का वार*
*SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर हल्द्वानी पुलिस ने समय रहते 03 आरोपियों को दबोचा*
*जान से मारने की साजिश नाकाम, बड़ी घटना होने से पहले पुलिस ने कसा शिकंजा*
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
हल्द्वानी। हल्द्वानी जेल परिसर के पास एक व्यक्ति की हत्या की साजिश रचकर उसका पीछा करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई से संभावित बड़ी आपराधिक वारदात को समय रहते टाल दिया गया।
पुलिस के अनुसार, बाजपुर निवासी अराज सिंह सिद्धू 24 अगस्त को अपने मित्र से मिलने हल्द्वानी जेल आया था। इसी दौरान सौरभ बावा, गुरूचरण उत्पल उर्फ गगन, मानव वाट और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति सिल्वर रंग की वरना कार से उसका पीछा करते हुए जेल परिसर के पास पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने साजिश के तहत उसका पीछा किया और जान से मारने की धमकी दी।
मामले में 25 अगस्त को तहरीर मिलने के बाद थाना हल्द्वानी में मुकदमा संख्या 290/2026, धारा 61(2)/351(2)(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
एसपी नैनीताल मनोज कत्याल, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास सुरागरसी-पतारसी के साथ CCTV फुटेज खंगाली। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर 25 अगस्त को तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में सौरभ बावा (24), मानव वाट (24) और गुरूचरण उत्पल उर्फ गगन (25) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक तीनों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और प्रत्येक के खिलाफ पूर्व में हत्या, शस्त्र अधिनियम, मारपीट, बलवा व धमकी से संबंधित मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के एक साथी जतिन्द्र सिंह (32) को 24 अगस्त को एक अवैध 315 बोर तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि नैनीताल पुलिस संगीन एवं संगठित अपराधों तथा आपराधिक गिरोहों पर लगातार नजर रख रही है। जेल परिसर, न्यायालय और अन्य संवेदनशील स्थानों पर किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।




















