भू-कानून के उल्लंघन पर धामी सरकार की सख्ती, नैनीताल में सात मामलों में 1.822 हेक्टेयर भूमि सरकारी खाते में दर्ज।

भू-कानून के उल्लंघन पर धामी सरकार की सख्ती, नैनीताल में सात मामलों में 1.822 हेक्टेयर भूमि सरकारी खाते में दर्ज।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक

 

 

नैनीताल। उत्तराखंड में भू-कानून के उल्लंघन के मामलों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। नैनीताल जिले में धार्मिक और कृषि प्रयोजन के नाम पर खरीदी गई जमीन का निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग नहीं करने के सात मामलों में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपजिलाधिकारी न्यायालय ने सुनवाई के बाद कुल 1.822 हेक्टेयर यानी 91 नाली से अधिक भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई को जिले में भू-कानून के उल्लंघन के मामलों में प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के भू-कानून के तहत जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। उपजिलाधिकारी नवाजिश खलिक के न्यायालय ने उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की उत्तराखंड में लागू धारा 166/167 के तहत सात मामलों में आदेश पारित किए।

 

 

 

प्रशासन की जांच में सामने आया कि ग्राम कमड़ा और पट्टी मल्ली कुटौली के ग्राम शीतला में कुछ व्यक्तियों ने धार्मिक प्रयोजन के लिए कुल 1.562 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। हालांकि, राजस्व अभिलेखों और स्थलीय निरीक्षण में इन जमीनों पर कोई धार्मिक गतिविधि संचालित होती नहीं मिली। मौके पर भूमि खाली पड़ी हुई थी।

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वहीं, ग्राम सतबूंगा में कृषि कार्य के लिए खरीदी गई 0.260 हेक्टेयर भूमि का भी निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान जमीन बंजर अवस्था में पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

 

 

 

सुनवाई के बाद सातों मामलों में कार्रवाई

प्रशासन ने संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया। इसके बाद भूमि खरीदने की अनुमति, राजस्व अभिलेखों, अनुमति की शर्तों और स्थलीय जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित प्रयोजन के विपरीत भूमि का उपयोग किए जाने की पुष्टि होने पर उपजिलाधिकारी न्यायालय ने सातों मामलों में भूमि के अंतरण को विधि-विरुद्ध मानते हुए उसे राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया।

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आदेश के अनुपालन में संबंधित राजस्व अधिकारियों को राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने और आगे की नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भूमि की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भू-कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नैनीताल जिले में एक साथ सात मामलों में हुई इस कार्रवाई से धार्मिक और कृषि प्रयोजन के नाम पर खरीदी गई भूमि के वास्तविक उपयोग को लेकर प्रशासन की निगरानी का संदेश गया है।