रामनगर नगर पालिका के अधिकारी कुंभकर्णी नींद में! दीपावली में बाजार बेहाल, भारी ट्रकों की एंट्री पर कौन लगाएगा लगाम?

🚨 रामनगर नगर पालिका के अधिकारी कुंभकर्णी नींद में! दीपावली में बाजार बेहाल, भारी ट्रकों की एंट्री पर कौन लगाएगा लगाम?

 

त्योहारी भीड़ के बीच बाजारों में घुस रहे भारी वाहन, यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल; आखिर नियमों का पालन कौन कराएगा?

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक 

 

रामनगर। दीपावली के त्योहार के बीच रामनगर की यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं दिन के समय शहर में भारी-भरकम ट्रकों की आवाजाही परेशानी बढ़ा रही है। स्थानीय स्तर पर नो-एंट्री व्यवस्था के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि व्यस्त बाजारों में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

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त्योहारी सीजन में बाजारों की सड़कों पर पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहनों और कारों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में भारी वाहनों की आवाजाही से यातायात बाधित होने, जाम लगने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है। दुकानदारों और खरीदारी के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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🔴 नो-एंट्री के नियमों पर उठे सवाल

यदि निर्धारित समय में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, तो दिन के समय ट्रकों की आवाजाही कैसे हो रही है? क्या संबंधित स्थानों पर यातायात पुलिस की तैनाती पर्याप्त है? क्या नगर पालिका और यातायात विभाग के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है? इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों का जवाब सामने आना बाकी है।

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⚠️ जनता को जाम से राहत कब?

दीपावली के दौरान बाजारों में यातायात सुचारु रखना बेहद जरूरी है। संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि नो-एंट्री नियमों की स्थिति स्पष्ट करें, भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करें और जरूरत के अनुसार यातायात कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करें।

 

 

 

अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर क्या कदम उठाते हैं और रामनगर की जनता को त्योहारी सीजन में जाम से कितनी राहत मिलती है।