चुकुंम गांव में फंसे अपने परिजनों को टकटकी लगाकर देखते ग्रामीण।

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उधम सिंह राठौर – सम्पादक 

बारिश की वजह से पिछले 3 दिनों से चुकुंम गांव के जंगल में फंसे अपने परिजनों को कोसी नदी के दूसरे छोर से टकटकी लगाकर देखते उनके परिजन। उत्तराखंड में लगातार बारिश की वजह से कई जगह से तबाही की खबरें सामने आई है वही रामनगर से 25 किलोमीटर दूर मोहान क्षेत्र के पार चुकुंम गांव के ग्रामीण फंसे हुए हैं।

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इन ग्रामीणों के लगभग दो दर्जन से ज्यादा घर कोसी नदी के गांव की तरफ रुख होने से बह गए हैं, वहीं सभी ग्रामीणों ने चुकूम गांव के पास ही जंगल में पनाह ली है वहीं आज फ़से हुए लोगों के परिजनों तक पहुंचा हमने नदी के दूसरे छोर में उनके परिजनों से बातचीत की, जो अपने फंसे हुए परिजनों को लेकर काफी दुखी दिखाई दिए, उनका कहना है कि उन लोगों से किसी प्रकार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। और वे उनके सकुशल होने की कामना करते हैं।

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वही मौके पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी बलजीत सिंह भाकुनी ने कहा कि ग्रामीणों तक हमारे द्वारा खाद्य सामग्री राफ्टिंग के जरिए पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बता दें कि यह वन ग्राम में कई दशकों से ग्रामीण नदी को पार करके ही चुकुंम गांव पहुंचते हैं, वही अब इनके घरों की तरफ कोसी नदी का रुख होने से इन ग्रामीणों के कल दोपहर दो दर्जन से ज्यादा घर बह चुके हैं, बता दें कि इस क्षेत्र में पुल बनाने की मांग कई दशकों से यहां के ग्रामीण कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इनकी मांग धरातल पर नहीं उतर पाई है।

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