जिलाधिकारी रीना जोशी ने संबंधित अधिकारियों के साथ जनपद के धारचूला में आपदा प्रभावित एलधारा क्षेत्र के ट्रीटमेंट कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

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उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक

पिथौरागढ़ 26 अप्रेल 2023- जिलाधिकारी रीना जोशी ने संबंधित अधिकारियों के साथ जनपद के धारचूला में आपदा प्रभावित एलधारा क्षेत्र के ट्रीटमेंट कार्यों की समीक्षा कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था सिंचाई विभाग एवं ट्रीटमेंट कार्यों का स्टीमेट तैयार करने वाली संस्था टीएचडीसी के अधिकारियों से एलधारा क्षेत्र के ट्रीटमेंट कार्य के धीमा पड़ जाने का कारण जाना। जिस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि टीएचडीसी द्वारा एलधारा क्षेत्र में 4 बोरहोल की टेस्टिंग की जानी है। जिसके बाद डिजाइनिंग की जाएगी। जिसके कारण से कुछ दिनों से ट्रीटमेंट कार्य रुका हुआ है।

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वहीं टीएचडीसी के अधिकारियों ने बताया कि कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग को एलधारा क्षेत्र में जो कार्य चालू रखे जा सकते हैं उनके बारे में अवगत करा दिया गया है। जिस पर जिलाधिकारी ने चालू रखे जा सकने वाले कार्यों को तत्काल ही शुरू करने के निर्देश कार्यदाई संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग एवं टीएचडीसी के अधिकारियों से कहा कि आगामी मानसून काल शुरू होने में थोड़ा ही समय बचा है, लिहाजा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आगामी मानसून काल से पूर्व ही एलधारा क्षेत्र का ट्रीटमेंट इस प्रकार से कर दिया जाय कि आगामी मानसून काल में एलधारा क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नुकसान न होने पाये।

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उन्होंने निर्देशों को गंभीरता से लेने की बात कहते हुए चेतावनी दी कि यदि मानसून काल में एलधारा क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग एवं स्टीमेट तैयार करने वाली संस्था टीएचडीसी के संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।

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वहीं जिलाधिकारी ने धारचूला के घटगाड़ क्षेत्र में निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त न होने की बात कहते हुए उप जिलाधिकारी धारचूला दिवेश शाशनी को कार्यों की जांच कराए जाने के भी निर्देश दिए।

 

 

बैठक में अपर जिलाधिकारी फिंचाराम चौहान, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विकास श्रीवास्तव, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर आदि उपस्थित थे जबकि अन्य अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे।

 

 

 

 

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