“सांस्कृतिक धरोहर: बग्वाल बूढ़ी दीवाली समारोह में स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर की शानदार प्रस्तुति”

ख़बर शेयर करें -

“सांस्कृतिक धरोहर: बग्वाल बूढ़ी दीवाली समारोह में स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर की शानदार प्रस्तुति”

 

उधम सिंह राठौर  – प्रधान संपादक

 

अगलाड़ यमुना घाटी विकास मंच मसूरी के तत्वाधान में बग्वाल बूढ़ी दीवाली के मौके पर भव्य समारोह आयोजित किया गया जिसमें पारंपरिक तरीके से बग्वाल मनाई गई और ढोल दमाऊ की थाप पर जमकर लोक नृत्य किए गये व होल्डे खेले गये

 

यह भी पढ़ें 👉  देवभूमि की पहचान और विकास पर फोकस—शिखर समागम में सीएम धामी का संबोधन

अगलाड़ यमुनाघाटी विकास मंच की ओर से चकराता टोल जीरो प्वांइट पर पौराणिक.बग्वाल समारोह का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ डिमसा पूजन के साथ शुरू हुआ और उसके बाद होल्डे का दहन किया गया वहीं लोगों ने जमकर लोक नृत्य किए पारंपरिक वाद्ययंत्रों ढोल दमाऊ की थाप पर महिलाओं और पुरूषों ने जमकर होल्यिात नृत्य, सराय नृत्य, रासो नृत्य, तांदी नृत्य किए और पूरी मस्ती में नाचते रहे जिसे देख कर आने जाने वालों के पैर भी थिरकने लगे

यह भी पढ़ें 👉  आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा, जवाबदेही और GPS मॉनिटरिंग पर जोर।

 

 

इस मौके पर समिति के अध्यक्ष शूरवीर रावत ने बताया अपनी संस्कृति और सभ्यता से अपने आने वाली पीढ़ी को रूबरू कराने का यह एक सुनहरा अवसर होता है और यह परंपरा बरसों से चली आ रही है जिसमें सभी ग्रामीण बूढ़ी दिवाली को धूमधाम के साथ मनाते हैं।

 

 

यह भी पढ़ें 👉  मंजूनाथ टी सी ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा, एंटी-सबोटाज चेकिंग तेज, सीसीटीवी ग्रिड और सुरक्षा ऑडिट के दिए सख्त निर्देश।

 

इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने समिति के सदस्यों और पदाधिकारी को बधाई देते हुए कहा कि उनके द्वारा आज भी जौनपुर जौनसार की संस्कृति को बचा के रखा हुआ है और आज देश-विदेश में यहां की संस्कृति को पहचान मिली है उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस पर्व को और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।