जिलाधिकारी वंदना सिंह ने रामनगर क्षेत्रांतर्गत स्थित गिरिजा माता मंदिर परिसर में हुई आगजनी की घटना का किया स्थलीय निरीक्षण।

जिलाधिकारी वंदना सिंह ने रामनगर क्षेत्रांतर्गत स्थित गिरिजा माता मंदिर परिसर में हुई आगजनी की घटना का किया स्थलीय निरीक्षण।

 

उधम सिंह राठौर –  प्रधान संपादक

 

रामनगर – कोसी नदी के मध्य टीले पर स्थापित प्राचीन गिरिजा देवी मंदिर परिसर में प्रसाद की दुकानों में सोमवार दोपहर आग लगने से दुकानों में रखी पूजा-पाठ सामग्रियां पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई । यहां दुकानें लकड़ी, कपड़ा और तिरपाल से बनी थीं। इन्हीं दुकानों में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और पूजा-पाठ की सामग्रीयां रखी थीं।

यह भी पढ़ें 👉  कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कवायद, वनकर्मियों को सिखाए गए जरूरी कौशल।

 

घटना की जानकारी मिलने के बाद

जिलाधिकारी वंदना सिंह ने रामनगर क्षेत्रांतर्गत स्थित गिरिजा माता मंदिर परिसर में हुई आगजनी की घटना का स्थलीय निरीक्षण किया। यहां लगभग 30-35 दुकानें/फड़ थे, जो पूर्ण रूप से आगजनी की घटना में नष्ट हो गए हैं, जिनके स्वामियों द्वारा राहत सहायता की मांग की गई है। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने कहा यह राहत की बात है कि इस घटना में जनहानि नहीं हुई है और न ही किसी के जख्मी/घायल होने का कोई मामला सामने आया है।

यह भी पढ़ें 👉  मालधन की सड़क पर भारी वाहनों का खेल खत्म! एआरटीओ पंकज श्रीवास्तव का सख्त एक्शन, 10 वाहन लौटाए, उल्लंघन पर कार्रवाई तय!

 

 

 

जिलाधिकारी ने घटना के प्रभावितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा घटना में हुए नुकसान का आकलन कार्य किया जा रहा है, जिसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने मंदिर समिति और व्यापारियों को समझाया कि मंदिर के आस पास दुकानों को लगाने की व्यवस्था में खामियों को पहचान कर उनमें सुधार करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो। जिलाधिकारी ने मंदिर समिति गिरिजा देवी मंदिर के अध्यक्ष और सदस्यों को भी व्यवस्था में सुधार करने की निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी में महिला किसानों का सम्मान, मंजू तिवारी, दीपा और किरन को मिला प्रमाण पत्र।

 

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी रामनगर राहुल शाह, एसडीओ वन विभाग रामनगर पूनम कैंथोला, पुलिस और वन विभाग के साथ ही राजस्व विभाग टीम भी उपस्थित रही।