रामनगर में राजनीतिक खेल : विकास के दावों में छिपा है भ्रष्टाचार का साया, क्या विकास सिर्फ एक सपना बनकर रह जाएगा?

ख़बर शेयर करें -

रामनगर में राजनीतिक खेल : विकास के दावों में छिपा है भ्रष्टाचार का साया, क्या विकास सिर्फ एक सपना बनकर रह जाएगा?

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर शहर में वर्षों से विकास की अनदेखी ने नागरिकों को मुश्किलों में डाल रखा है। 15 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के विधायक होने के बावजूद, शहर के बुनियादी ढांचे में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला।

 

 

शहर में ट्रैफिक जाम आम बात बन चुकी है। जगह-जगह अतिक्रमण ने सड़कों और फुटपाथों को कब्जे में ले लिया है, जिससे बाजार में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची। गलियों की संकीर्णता और जाम से गुजरने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।

यह भी पढ़ें 👉  शिकायत से समाधान तक, सेवा पखवाड़े में मिलेगा हर समस्या का समाधान।

 

 

नगर पालिका में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, और दलालों का बोलबाला शहर की समस्याओं को और बढ़ा रहा है। ट्रैफिक के साथ-साथ पार्किंग की कमी ने हालात और बदतर कर दिए हैं। रानीखेत रोड पर अतिक्रमण और बसों के लिए कोई उचित अड्डा न होने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।

 

 

फल-सब्जी विक्रेताओं और टेंपो चालकों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। ये लोग दिनभर सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे जाम और अव्यवस्था बढ़ती है।

यह भी पढ़ें 👉  गौ माता पर आर-पार! करणी सेना ने सरकार को दिया 25 दिन का अल्टीमेटम।

 

 

स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो संयुक्त चिकित्सालय का पीपीपी मोड पर संचालन एक बड़ी असफलता साबित हुआ है। अस्पताल में इलाज की सुविधाएं न के बराबर हैं, और मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। हाल ही में मरचूला में हुए सड़क हादसे में कई मरीजों को रामनगर लाया गया, लेकिन इलाज के अभाव में कई जानें चली गईं।

 

 

शहर में बढ़ते जुआ और नशे के कारोबार ने युवा पीढ़ी को गलत दिशा में धकेल दिया है। विडंबना यह है कि ऐसे ही लोग आज चुनाव में दावेदार बनकर जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  आईजी कुमाऊं का बेतालघाट थाना निरीक्षण, निर्माण कार्य और पुलिस व्यवस्था पर सख्त निर्देश।

 

 

 

रामनगर के नागरिकों से अपील है कि वे अपने मत का प्रयोग समझदारी से करें। एक गलत निर्णय शहर को और अधिक अराजकता और भ्रष्टाचार की ओर धकेल सकता है। शहर की समस्याओं को समझते हुए, विकास और पारदर्शिता के वादों पर ध्यान दें, ताकि रामनगर को एक बेहतर भविष्य मिल सके।


ख़बर शेयर करें -