आईटीबीपी के ‘हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025’ को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, बोले– “ये अभियान है साहस, सुरक्षा और संस्कृति का संगम”

आईटीबीपी के 'हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025' को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, बोले– “ये अभियान है साहस, सुरक्षा और संस्कृति का संगम”
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आईटीबीपी के ‘हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025’ को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, बोले– “ये अभियान है साहस, सुरक्षा और संस्कृति का संगम”

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के ‘हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में दिवंगत यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल ट्रैकिंग भर नहीं, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और स्थानीय परंपराओं को प्रोत्साहन देने का कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी का 45 सदस्यीय दल उत्तराखंड से हिमाचल होते हुए लद्दाख तक करीब 1032 किमी की चुनौतीपूर्ण यात्रा करेगा, जिसमें 27 घाटियाँ और 27 दर्रे पार किए जाएंगे।

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वाइब्रेंट विलेज को मिलेगा प्रोत्साहन, 3.5 लाख पौधों का वितरण भी होगा

आईजी आईटीबीपी श्री संजय गुंज्याल ने जानकारी दी कि इस ट्रैकिंग अभियान में 84 वाइब्रेंट विलेज शामिल हैं। दल इन गांवों में 3.5 लाख फलदार पौधे वितरित करेगा, जिससे स्थानीय आजीविका और पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इसे एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक नई दिशा करार दिया।

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सेना और सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के वीर सपूत देश की रक्षा में सदैव अग्रणी रहे हैं। सरकार उनके कल्याण और सम्मान के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि:

  • शहीदों के परिजनों को अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की गई है।

  • वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली धनराशि में वृद्धि की गई है।

  • बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी में समायोजन की समय-सीमा 2 साल से बढ़ाकर 5 साल की गई है।

  • पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, संपत्ति खरीद में स्टाम्प ड्यूटी में छूट, और बेटियों के विवाह हेतु विशेष अनुदान जैसी योजनाएं संचालित हैं।

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सशस्त्र बलों को सशक्त बनाने हेतु ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे देश की सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

उच्च अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर मुख्य सचिव  आनंद बर्द्धन, सचिव गृह  शैलेश बगौली, डीजीपी  दीपम सेठ, आईटीबीपी के आईजी  गिरीश चंद्र उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी एवं आईटीबीपी के जवान उपस्थित रहे।