पंचायत चुनाव की तकनीकी तैयारियां शुरू — कुमाऊं मंडल में अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण।

ख़बर शेयर करें -

पंचायत चुनाव की तकनीकी तैयारियां शुरू — कुमाऊं मंडल में अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

हल्द्वानी, उत्तराखण्ड में त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2025 को पारदर्शी, सटीक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता आयोग के प्रभारी संयुक्त सचिव कमलेश मेहता ने की।

प्रशिक्षण सत्र में कुमाऊं मंडल के छह जनपदों — नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ — के उप जिला निर्वाचन अधिकारी, पंचायती चुनाव अधिकारी, सूचना विज्ञान केंद्र के अधिकारी एवं अन्य तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉  नाबालिग अपहरण मामले का खुलासा, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार, किशोरी सकुशल बरामद।

तकनीक से बदलेगा पंचायत चुनाव का चेहरा

प्रशिक्षण में राज्य सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), देहरादून द्वारा विकसित विशेष सॉफ्टवेयर का लाइव प्रदर्शन किया गया। इसमें मतदाता सूची प्रबंधन, मतदान किट व मतपेटी आवंटन, निर्वाचन प्रमाण पत्र तैयार करना, मतगणना, तथा निर्वाचन व्यय सीमा जैसे अहम पहलुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि यह सॉफ्टवेयर पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को डिजिटली ट्रैक और ऑटोमेटेड बनाएगा। इससे निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी, तेज, और त्रुटिरहित होगी। परिणामों की घोषणा से लेकर कार्मिकों की नियुक्ति तक सभी चरण ऑनलाइन संचालित होंगे।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम धामी और केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर पर मंथन

विधिक जानकारी भी साझा

अधिकारियों को उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम, 2018, पंचायत निर्वाचन नियमावली तथा हाल ही में किए गए संशोधनों, नामांकन प्रक्रिया, आपत्तियों के निवारण, मतदान केंद्रों की स्थापना और मतगणना प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी और विधिक जानकारियां भी दी गईं।

प्रभारी संयुक्त सचिव कमलेश मेहता ने बताया कि आयोग की वेबसाइट के माध्यम से कोई भी नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में देख सकता है। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटा हो, तो वह सहायक निर्वाचन अधिकारी अथवा उप जिलाधिकारी से संपर्क कर सकता है। साथ ही, अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।

यह भी पढ़ें 👉  शिक्षा के मंदिर में नियमों की बलि! परीक्षा के बीच सरकारी कॉलेज में प्राइवेट अस्पताल का अवैध कब्जा।

उपस्थित रहे ये अधिकारी

प्रशिक्षण सत्र में जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, कुमाऊं मंडल के उप जिला निर्वाचन अधिकारी, सूचना विज्ञान केंद्र के तकनीकी विशेषज्ञ और पंचायती चुनाव से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य निर्वाचन आयोग का यह प्रयास पंचायत चुनावों को तकनीकी रूप से मजबूत, विधिक रूप से सुदृढ़ और प्रक्रियागत रूप से पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।