किसान की मौत के बाद जागा प्रशासन, रुद्रपुर डीएम कार्यालय में धरना, भूमि विवाद में जांच के आदेश।

किसान की मौत के बाद जागा प्रशासन, रुद्रपुर डीएम कार्यालय में धरना, भूमि विवाद में जांच के आदेश।
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किसान की मौत के बाद जागा प्रशासन, रुद्रपुर डीएम कार्यालय में धरना, भूमि विवाद में जांच के आदेश।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रुद्रपुर।  रुद्रपुर में किसान की मौत के बाद आखिरकार सरकारी तंत्र की नींद टूटती नजर आई। जनसमस्याओं से त्रस्त लोगों ने रुद्रपुर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना देकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।

मामला भूमि विवाद से जुड़ा है। ग्राम शेखपुरा हसनपुर रहमतगंज, स्वार रामपुर निवासी किंदरजीत कौर पत्नी जगतार सिंह ने आरोप लगाया कि काशीपुर–बाजपुर बायपास स्थित उनकी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट, धमकी और मानसिक उत्पीड़न किया गया। स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से मजबूर होकर उन्हें धरने का सहारा लेना पड़ा।

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धरने की सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़िता और धरने पर बैठे लोगों की पूरी बात सुनी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। एडीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वाला चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अभिलेखों की गहन जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया, लेकिन सवाल यह बना हुआ है कि क्या यह कार्रवाई जमीन पर भी नजर आएगी या सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी।

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धरने में शामिल लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त शासन और जीरो टॉलरेंस के दावों के बावजूद जमीनों पर कब्जे, दबंगई और पुलिस-प्रशासन की लापरवाही लगातार बढ़ रही है। लोगों का आरोप है कि किसान की मौत के बाद ही अधिकारियों का सक्रिय होना सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है।

मौके पर एसडीएम गौरव पाण्डे, अमृता शर्मा, सीओ आरडी वर्मा, तहसीलदार दिनेश कुटोला सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।