रामनगर बना राष्ट्रीय व्यापार संवाद का केंद्र, वन निगम के क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में 20 राज्यों की भागीदारी।

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रामनगर बना राष्ट्रीय व्यापार संवाद का केंद्र, वन निगम के क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में 20 राज्यों की भागीदारी।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

रामनगर (नैनीताल)।
उत्तराखंड वन विकास निगम द्वारा आयोजित राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता वार्षिक सम्मेलन संवाद-2026 का आयोजन रामनगर के आमडंडा क्षेत्र में किया गया। खास बात यह रही कि यह सम्मेलन 12–13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुआ, जिसमें देश के 20 राज्यों से आए क्रेता (बायर्स) शामिल हुए, जो वन निगम से लकड़ी क्रय करते हैं। सम्मेलन को लेकर बायर्स और अधिकारियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

 

 

 

सम्मेलन में लकड़ी के रेट, लकड़ी की निकासी प्रक्रिया, पारदर्शिता, आपसी समन्वय और भविष्य की व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल, उत्तराखंड वन विकास निगम की प्रबंध निदेशक (एमडी) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य क्रेता-विक्रेता के बीच विश्वास और संबंधों को मजबूत करना, व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाना तथा बायर्स की अपेक्षाओं को समझकर उन्हें धरातल पर उतारना रहा। सम्मेलन का स्लोगन “व्यवहार से व्यापार तक” रखा गया, जिसे व्यापार की बुनियाद बताया गया।

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इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम राज्य को बड़ा राजस्व देने वाला एक महत्वपूर्ण कॉरपोरेशन है। राज्य का लगभग 71 प्रतिशत क्षेत्र वन आधारित है। वन विभाग द्वारा आवंटित लकड़ी को निगम काटकर व्यवसाइयों को उपलब्ध कराता है, जिससे निगम लगातार प्रगति कर रहा है और राज्य को अच्छा राजस्व प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि निगम के कार्यों को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

 

 

 

वन मंत्री ने वियतनाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लकड़ी उद्योग से मिलियन डॉलर का निर्यात किया जा रहा है। इसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी वुड-बेस्ड इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही राज्य में उपलब्ध जड़ी-बूटी की अपार संभावनाओं को देखते हुए वन पंचायतों के माध्यम से 628 करोड़ रुपये की हर्बल मिशन योजना शुरू की गई है। इस योजना में वन निगम को जोड़कर बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज विकसित किए जाएंगे, जिससे वन पंचायतों की आय बढ़ेगी और स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत होगी।

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सम्मेलन के दौरान राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए वन मंत्री ने अंकिता मामले में कहा कि सरकार ने शुरू से ही त्वरित कार्रवाई की, दोषियों को सजा दिलाई और तथाकथित वीआईपी एंगल की जांच के लिए CBI जांच का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि केवल विरोध के लिए विरोध करना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।

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कोसी नदी में अवैध खनन के सवाल पर वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई वीडियो या शिकायत संज्ञान में आती है तो उसकी जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में वन विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

 

विशिष्ट क्रेता सम्मान:
सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड वन विकास निगम द्वारा उत्कृष्ट सहयोग और दीर्घकालिक व्यावसायिक सहभागिता के लिए वन निगम के “विशिष्ट क्रेता सम्मान” से संदीप गुप्ता, आदित्य अग्रवाल एवं नॉर्दर्न प्लाइवुड, रामनगर (नैनीताल) को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे क्रेता निगम के व्यापार को मजबूती देने के साथ-साथ राज्य के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।