कोर एरिया में मोबाइल प्रतिबंध पर स्पष्ट आदेश की मांग, जिम कॉर्बेट नेचर गाइड एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर (नैनीताल)।
जिम कॉर्बेट नेचर गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद बुधानी के नेतृत्व में आज कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर में एक ज्ञापन सौंपा गया। सक्षम अधिकारी के अन्य बैठक में व्यस्त होने के कारण ज्ञापन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन में टाइगर रिजर्व के कोर हेबिटेट में पर्यटन गतिविधियों के दौरान मोबाइल फोन उपयोग के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश (पैरा 48.5) के आलोक में स्पष्ट विभागीय निर्देश जारी करने की मांग की गई। एसोसिएशन ने यह भी अनुरोध किया कि यह स्पष्ट किया जाए कि उक्त आदेश केवल कोर एरिया तक सीमित है या बफर एरिया में भी लागू होता है, क्योंकि न्यायालय के निर्णय में बफर क्षेत्र का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में मांग रखी गई कि पर्यटकों के मोबाइल फोन एवं लॉकर की चाबी की जिम्मेदारी नेचर गाइड अथवा वाहन चालक पर न डाली जाए। इस व्यवस्था को विभागीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि गाइड और चालक अनावश्यक दायित्व से मुक्त रह सकें।
एसोसिएशन ने कहा कि नेचर गाइड विभाग की “आंख और कान” के रूप में कार्य करते हैं और जंगल में किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि भविष्य में गाइडों के मोबाइल फोन पर भी प्रतिबंध लगाया जाता है, तो विभाग द्वारा सभी गाइडों को कैमरा एवं वायरलेस सेट उपलब्ध कराया जाना आवश्यक होगा, जिससे संचार और निगरानी व्यवस्था प्रभावित न हो।
साथ ही, सभी सफारी गेटों पर विभागीय चेकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की गई, ताकि कोई भी पर्यटक वर्जित सामग्री के साथ सफारी क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की है कि पार्क प्रशासन शीघ्र ही इस विषय में स्पष्ट आदेश जारी करेगा, जिससे न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन हो सके और क्षेत्रीय रोजगार, सुरक्षा एवं वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित रह सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अनिल चौधरी, कैलाश पापने, राजेश नेगी, हरि शंकर, प्रवेश पापने, शंकर सती, सतीश, देव, नीरज, चंदन, योगेश, उर्मिला, प्रीति, पवन, प्रेमराज सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।






